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    Home»हिमाचल प्रदेश»मंत्रियों ने कहा बजट से सभी वर्गों का कल्याण और प्रदेश का विकास सुनिश्चित होगा
    हिमाचल प्रदेश

    मंत्रियों ने कहा बजट से सभी वर्गों का कल्याण और प्रदेश का विकास सुनिश्चित होगा

    By Himachal VartaMarch 7, 2020
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    शिमला। शहरी विकास मंत्री सरवीन चैधरी और उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने शुक्रवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2020-21 के बजट को सबका कल्याण और प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित करने वाला बजट करार दिया है। आज यहां जारी एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में इन मंत्रियों ने कहा कि बजट में सभी वर्गांे को राहत दी गई है और प्रदेश को उन्नति की राह पर आगे ले जाने की दिशा साफ दिखाई देती है।
    उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी, सिंचाई और ग्रामीण विकास पर विशेष बल दिया गया है ताकि किसानों की आय दोगुनी हो सके। गरीब और अनुसूचित जाति परिवारों के लिए बड़े स्तर पर घर बनाने का अभियान शुरु किया जाएगा। युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से आधारभूत ढांचा, सड़कों, ऊर्जा क्षेत्र, परिवहन और निवेश पर बल दिया गया है। इसी प्रकार राज्य में पर्यटन के विस्तार को लेकर भी ध्यान दिया गया है और इसके लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
    मंत्रियों ने कहा कि बजट में बच्चों में कुपोषण को खत्म करने का निश्चय किया गया है जो एक महत्वपूर्ण पहल है। आँगनबाड़ी बच्चों को 30 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त पौष्टिक आहार दिया जाएगा। इसी प्रकार प्री-प्राथमिक कक्षा के बच्चों को भी पौष्टिक मिड डे मील दिया जाएगा।
    सरवीन चैधरी और बिक्रम सिंह ने कहा कि राजधानी शिमला में भीड़ का दबाव कम करने के लिए गंज बाजार से सब्जी मंडी को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव किया गया है जबकि मंडी शहर में पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए बहुमंजिला पार्किंग और व्यावसायिक परिसर का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार, शहरी क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए ई-मार्केट से जोड़ा जाएगा जिससे उन्हें अपने उत्पादों के उचित मूल्य मिल सकेंगे।
    उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी के गठन से निजी निवेश बढ़ेगा क्यांेकि इसके माध्यम से निवेशकों को वाँछित स्वीकृतियां शीघ्र मिलेंगी। हथकरघा और हस्तशिल्प प्रोत्साहन के लिए 58 करोड़ की परम्परा योजना के अन्तर्गत हर जिले में क्लस्टर स्थापित करेंगे जिससे चर्मकारों, बुनकरों, दस्तकारों के उत्पादों को उचित बाजार मिलेगा। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 45 वर्ष तक की विधवा महिलाओं को आजीविका उपलब्ध करवाने के लिए 35 प्रतिशत उपदान देने की घोषणा की गई है।
    मंत्रियों ने कहा कि प्रदेश की 49 और पंचायतों को सड़कों से जोड़ा जाएगा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 1,000 किलोमीटर नई सड़कों और 650 किलोमीटर के उन्नयन का लक्ष्य रखा गया है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांवटा साहिब-गुम्मा-फेड़ज पुल और हमीरपुर-मण्डी ग्रीन नेशनल हाईवे विकसित किए जाएंगे जबकि कीरतपुर-मनाली, शिमला- परवाणू और धर्मशाला-गगरेट सड़क का राष्ट्रीय उच्च मार्ग सुरक्षा प्रणाली के अंतर्गत रख-रखाव बेहतर किया जाएगा। बजट में इस वर्ष 925 किलोमीटर वाहन योग्य कच्ची सड़कों, 900 किलोमीटर सड़कों पर क्राॅस ड्रेनेज, 1,800 किलोमीटर पक्की सड़कों, 75 पुलों के निर्माण तथा 90 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
    उन्होंने कहा कि बजट में पुलिस विभाग का सुदृढ़ीकरण, शिक्षकों, सिलाई अध्यापिकाओं, मिड-डे मील वर्कर, वाटर कैरियर, आशा कार्यकर्ता, जल गार्ड, पैरा फिटर/पम्प आॅपरेटर, पंचायत चैकीदार, आंगनवाड़ी/मिनी आंगनवाड़ी वर्कर, आंगनवाड़ी सहायिका और राजस्व पार्ट टाईम के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। दिहाड़ी 250 रुपये से बढ़ाकर 275 रुपये प्रतिदिन की जाएगी और वर्ष 2017 से पहले के एनपीएस के सेवानिवृत्त 5500 कर्मचारियों को ग्रेच्यूटी का लाभ मिलेगा। व्यक्तिगत समूह दुर्घटना बीमा योजना के तहत बीमा राशि 5 लाख रुपये और आंशिक क्षति में 2 लाख रुपये की जाएगी।
    सरवीन चैधरी और बिक्रम सिंह ने कहा कि बजट में परिहवन निगम, बिजली बोर्ड, पुलिस आरक्षी, अध्यापकों, पार्ट टाईम मल्टी टास्क वर्कर, डाॅक्टर, पैरा मैडिकल, राजस्व, लोक निर्माण, पशुपालन विभाग और अन्य विभागों में लगभग 20,000 पद भरने का प्रस्ताव किया गया है जिससे हजारों शिक्षित बेरोज़गार युवाओं को रोज़गार मिलेगा।
    मंत्रियों ने कहा कि वोल्टेज़ की समस्या दूर करने के लिए 158 करोड़ रुपये की परियोजना शुरु करना प्रस्तावित किया गया है जिससे कम वोल्टेज की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, लकड़ी के 65000 खम्भे बदले जाएंगे और सौर परियोजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए 2000 रूपये प्रति किलोवाट उपदान दिया जाएगा।

     

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