काँगड़ा (हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) जवाली। आज से दो माह तक पौंग झील की मछली का स्वाद चखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि आज से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर प्रतिबंध रहेगा। पौंग झील में अब किश्तियां भी नहीं दिखेंगी तथा दो माह तक पौंग झील में वीरानी छाई रहेगी। 15 सोसायटीज के 2500 मछुआरों ने आज से जाल समेट लिए तथा घरों को वापस ले आए हैं।
किश्तियों को झील के किनारे बांध दिया है। अवैध तरीके से मछली का शिकार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मत्स्य विभाग ने कमर कस ली है। विभागीय टीमों ने झील किनारे तंबू गाड़ दिए हैं तथा दिन-रात गश्त कर टीमें शिकारियों पर नजर रखेगी। मत्स्य विभाग के निदेशक सतपाल मेहता ने बताया कि झील में मत्स्य आखेट पर आज से 15 अगस्त तक प्रतिबंध रहेगा। यह मछली के प्रजनन का समय होता है तथा अगर कोई मछली का अवैध शिकार करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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Sunday, October 18
