Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • कसौली विधानसभा क्षेत्र में लगभग 225 करोड़ रुपए की सिंचाई व पेयजल योजनाएं का कार्य प्रगति पर – मुकेश अग्निहोत्री
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज का एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक – अजय यादव
    • चार दिन के लिए नाहन में सजा आभूषणों का भव्य संसार
    • सिरमौर जिला में पूरा हुआ गेहूं खरीद का कार्य, किसानों से खरीदा गया 19777 क्विंटल गेहूँ
    • हमारी संस्कृति ही हमारी वास्तविक धरोहर – संजय अवस्थी
    • सरकारी ई-बाज़ार और ऑनलाइन व्यापार पर केंद्रित कार्यशाला आयोजित
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, June 17
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»ताश के पत्तों की तरह ढह गई जल शक्ति विभाग की सुरक्षा दीवार
    सिरमौर

    ताश के पत्तों की तरह ढह गई जल शक्ति विभाग की सुरक्षा दीवार

    By Himachal VartaJune 26, 2023
    Facebook WhatsApp
    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज़  ) (एसपी जैरथ):- संगड़ाह में करीब 10 दिन पहले जलशक्ति विभाग कार्यालय के परिसर में बनाया हुआ डंगा रविवार सुबह ताश की गड्डी की तरह ढह गया। डंगे का कुछ मलवा करीब 100 मीटर नीचे पालर मार्ग तक पहुंच गया। गनीमत यह रही कि जिस समय डंगा गिरा उस समय निचले मार्ग पर न तो कोई वाहन गुजर रहा था और न वहां से कोई व्यक्ति गुजर रहा था जिसके कारण बड़ा हादसा होने से बच गया। जानकारी के मुताबिक जल शक्ति विभाग ने कार्यालय परिसर के समीप ही पार्किंग के उद्देश्य से करीब चार लाख की लागत से एक डंगे का निर्माण करवाया था। बताया जा रहा है कि डंगे का निर्माण कार्य करीब 10 दिन पहले ही पूरा हुआ था। रविवार सुबह हुई बारिश के कारण डंगे का आधा हिस्सा धराशायी हो गया। जल शक्ति विभाग कार्यालय परिसर के समीप चार लाख की लागत बना डंगा गिरने से स्थानीय लोग विभाग व ठेकेदार की लापरवाही के साथ विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे है। एक्स एमएलए रुप सिंह व कुछ अन्य स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने जल शक्ति विभाग के एसडीओ को कुछ महीने पहले यहां मलबे व कच्ची मिट्टी पर दीवार खड़ी न करने व ठीक से फाउंडेशन खोदने का सुझाव दिया था। डंगे के निर्माण में क्रेशर व नदी की रेत-बजरी की जगह स्थानीय चुना खदानों के मलबे के इस्तेमाल पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। संबधित विभाग के जेई संतोष शर्मा ने कहा कि डंगे के पीछे लोक निर्माण विभाग ने एक कलवट बना रखा है जो पिछले कई महीनों से बंद था। हाल ही में विभाग ने इस कलवट को खोल दिया। बारिश होने के बाद कलवट का पानी डंगे पर आ गया और डंगा ढह गया। उन्होंने कहा कि वह काफी समय से लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को यहां पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने को कह रहे थे। मगर लोक निर्माण विभाग ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। जल शक्ति विभाग नौहराधार के अधिशासी अभियंता मनीष कुमार ने कहा कि ठेकेदार को दोबारा डंगा लगाने के के लिए कह दिया गया है। ठेकेदार को पेमेंट का भुगतान तभी किया जाएगा जब डंगे का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • कसौली विधानसभा क्षेत्र में लगभग 225 करोड़ रुपए की सिंचाई व पेयजल योजनाएं का कार्य प्रगति पर – मुकेश अग्निहोत्री
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज का एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक – अजय यादव
    • चार दिन के लिए नाहन में सजा आभूषणों का भव्य संसार
    • सिरमौर जिला में पूरा हुआ गेहूं खरीद का कार्य, किसानों से खरीदा गया 19777 क्विंटल गेहूँ
    • हमारी संस्कृति ही हमारी वास्तविक धरोहर – संजय अवस्थी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.