श्री रेणुका जी (हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) ( राजीव कुमार ) सिरमौर ज़िला में सोमवार को गुरु शिष्य के अटूट मिलन और मधुर संबंधों का प्रतीक गुरु पूर्णिमा का पर्व सिरमौर जिला में हर्षोल्लास से मनाया गया। इसके लिए बीते एक सप्ताह से तैयारियां जिला सिरमौर के विभिन्न हिस्सों में पूरी की जा रही है।हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील व धार्मिक स्थल श्री रेणुका जी में जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने उमड़ी तो वही पावटा क्षेत्र के धोली ढांग व अन्य धार्मिक स्थलों पर श्री रेणुका जी तीर्थ में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।इस दौरान श्रद्धालुओं का तांता लगा। सिरमौर में गुरु पूर्णिमा का उत्सव अलग-अलग आश्रमों में धूमधाम से मनाया जाता है। हजारों श्रद्धालु अपने-अपने गुरु महाराज के चरणों में शीश नवाकर उनका आशीर्वाद लेते हैं। वहीं, गुरु पूर्णिमा पर्व को लेकर रेणुकाजी तीर्थ में श्रद्धालुओं और गुरु भक्तों का आगमन भी शुरू हो गया है।आश्रमों में अखंड रामायण पाठ के साथ-साथ भक्ति गीत संगीत और भजन कीर्तन आदि का दौर भी शुरू हो गया है। इस दौरान श्रद्धालु रेणुका झील झील में आस्था की डुबकी भी लगाई। इसके लिए रेणुका जी विकास बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्नान घाटों आदि की सफाई का कार्य पूरा किया।गौर हो कि श्री रेणुका जी तीर्थ में पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। गायत्री आश्रम के संचालक महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद भारती और निर्वाण आश्रम के महंत महात्मा रेनेंद्र मुनि ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर्व को लेकर आश्रमों में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।इस दौरान अनेकों संत-महात्माओं और गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही शिष्यों को गुरु पूर्णिमा की बधाई देते हुए गुरु के बताए सद्मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
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Thursday, September 3
