ऊना ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) घालूवाल पुल को सुरक्षित रखने की तैयारियां बरसात की शुरुआती बारिशों की मार भी झेल न पाई। पुल की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर कंक्रीट की दीवार बनाई गई थी। लेकिन उफान पर आई सोमभद्रा नदी ने करोड़ों की चारदीवारी को बुरी तरह धाराशायी कर दिया। अब सवाल उठने लगे हैं कि जिले के सबसे महत्वपूर्ण पुल की नींव को सुरक्षित रखने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई दीवार अपनी रक्षा भी नहीं कर पाई। वहीं दीवार के धाराशायी होने के बाद पुल की नींव फिर से पानी के जद में आ गई है। हालांकि पुल के पुराने पिलरों को तेज रफ्तार पानी से आंच तक नहीं आई। जानकारी के अनुसार अवैध खनन और अन्य कारणों से घालूवाल पुल की नींव चार फीट तक बाहर आ चुकी है। पुल को सुरक्षित रखने के लिए करीब 10 माह पहले कार्य शुरू हुआ। इसके तहत नींव की चारों ओर कंक्रीट की मजबूत दीवार तैयार करने में मजदूर जुट गए। उक्त दीवार सहित पुल के अन्य मरम्मत से जुड़े कार्यों के लिए करीब 5.50 करोड़ रुपये की राशि एनएच की ओर से खर्च की गई। यह कार्य हाल ही में करीब एक माह पहले पूरा हुआ। इसके बाद सभी आश्वस्त हो गए कि पुल की नींव अब सुरक्षित है, लेकिन रविवार को उफान पर आई सोमभद्रा नदी ने कंक्रीट की दीवार को भारी नुकसान पहुंचाया। मंगलवार को जब नदी का जलस्तर कम हुआ तो दीवार का मलबा बिखरा देखकर हर कोई हैरान था। लोगों का कहना है कि जो दीवार अपनी सुरक्षा नहीं कर पाई, वह पुल को कैसे सुरक्षित रख सकती है।
Breakng
- प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
- उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
- पहाड़ों की कीमत पर विकास मंजूर नहीं, खनन में जवाबझदेही तय करे सरकार : पूर्व मेजर जनरल अतुल कौशिक
- रेणुकाजी के विधायक विनय कुमार ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया जोर
- महिला आर्थिकी के साथ क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी टमाटर प्रसंस्करण इकाइयां – डॉ. शांडिल
- नई तकनीक की जानकारी एवं कौशल उन्नयन बेहतर रोज़गार एवं स्वरोज़गार के लिए आवश्यक – डॉ. शांडिल
Sunday, October 18
