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    Home»हरियाणा»हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल ने स्कूली विद्यार्थियों का आह्वान किया है कि वे देश में लॉकडाउन को देखते हुए पाठ्यपुस्तकों को परस्पर आदान-प्रदान से प्राप्त कर लें…
    हरियाणा

    हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल ने स्कूली विद्यार्थियों का आह्वान किया है कि वे देश में लॉकडाउन को देखते हुए पाठ्यपुस्तकों को परस्पर आदान-प्रदान से प्राप्त कर लें…

    By Himachal VartaApril 11, 2020
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    चंडीगढ़। हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल ने स्कूली विद्यार्थियों का आह्वान किया है कि वे देश में लॉकडाउन को देखते हुए पाठ्यपुस्तकों को परस्पर आदान-प्रदान से प्राप्त कर लें और सरकार द्वारा लॉकडाउन हटते ही राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पुस्तकों को पहुंचा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पुस्तकों का आदान-प्रदान करते समय कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हिदायतों का अनुपालना करने की अवश्यकता पर भी बल दिया।

    आज यहां जारी एक बयान में शिक्षा मंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दी जा रही ऑनलाइन शिक्षा को लॉकडाउन के दौरान पढ़ाई में होने वाले नुकसान से बचने का अहम कदम बताते हुए कहा कि आज पूरा विश्व कोरोना वायरस की महामारी से लड़ रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है जिसके कारण राज्य के सभी स्कूल बन्द हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ का अनुपालन करते हुए पहली से आठवीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध करवाई जाती हैं।

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि कल 10 अप्रैल को स्कूलों द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है परंतु लॉकडाउन के कारण पुस्तकें विद्यार्थियों तक पहुंचाना सम्भव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी अभिभावक जानते हैं कि कुछ वर्ष पहले तक विद्यार्थी परीक्षा परिणाम के बाद पुस्तकों का आदान-प्रदान करते थे और यह परंपरा पर्यावरण के लिए भी मददगार है। पास होने के बाद अगर विद्यार्थी अपने सीनियर विद्यार्थी की पुरानी  पुस्तकें लेता है तो लॉकडाउन में न केवल उसको पढऩे के लिए पुस्तक मिल जाएंगी बल्कि वे पर्यावरण के संरक्षण में भी भागीदार बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि पुस्तकों के आदान-प्रदान के कार्य में कक्षा-अध्यापक, स्कूल मुखिया तथा स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि पुस्तकें लेने या देने के तुरंत बाद साबुन से हाथ अवश्य धोएं ताकि कोरोना के फैलने की संभावना न रहे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पुस्तकों के आदान-प्रदान की यह व्यवस्था केवल आंतरिक व्यवस्था है ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। लॉकडाउन हटते ही विद्यार्थियों के पास नई पाठ्य पुस्तकें पहुंचा दी जाएंगी।

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