अपने-अपने घरों में ही नमाज अदा की जाए: डिप्टी कमिश्नर
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजऱ पवित्र रमज़ान महीने को सुरक्षित ढंग से मनाने संबंधी एक एडवाईजरी जारी की है। इस संबंधी जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि पैदा हुए इस नाजुक दौर हालात के दौरान रमजान के पवित्र माह के जश्न मनाने वाले स्थानों पर कुछ खास रोकथाम उपायों व सावधानियों का ध्यान से पालन करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि सभी मस्जिदों / दरगाहों / इमामबाड़ों और अन्य धार्मिक संस्थाएं बंद रहेंगी और लोगों को जलसा करके नमाज़ें (नमाज़-ए-बाजमात) अदा करने, जुम्मे की नमाज़ समेत तरावीह की नमाज़ अदा करने की मुकम्मल मनाही होगी।
श्रीमती अपनीत रियात ने मुस्लिम भाईचारे को अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने घरों से ही नमाज अदा करें। उन्होंने कहा कि उर्स, पब्लिक व प्राइवेट इफ्तार पार्टियों/समारोह, दावत-ए-सेहरी और श्रद्धालुओं की सभा वाले किसी भी अन्य धार्मिक समागम सहित हर किस्म के जश्रों का सख्ती से परहेज किया जाए। उन्होंने बताया कि मस्जिद परिसर के अंदर जूस, शरबत या खाने-पीने की अन्य चीजों या घर-घर जाकर बांटी जाने वाली चीजों के सार्वजनिक वितरण पर पूरी तरह पाबंदी है। उन्होंने सभी धार्मिक नेताओं से अपील करते हुए कहा कि व किसी भी प्रकार का सार्वजनिक एकत्र न करे व बाकियों को भी ऐसा न करने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही धार्मिक नेताओं से अपील की जाती है कि वे अपने अनुयायियों को सलाह दें कि सरकार की ओर से समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों का सही ढंग से पालन किया जाए।
डिप्टी कमिश्नर ने सलाह देते हुए कहा कि पहले से मौजूद स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे कि मधुमेह, हृदय रोग आदि वाले व्यक्तियों को सही डॉक्टरी सलाह के बाद ही रोज़ा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों की शुरुआत हो चुकी है और आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा बढऩे की उम्मीद है। इस लिए रोजा रख रहे लोगों को अपने खाने-पीने का पूरा ध्यान रखने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि मस्जिद में सार्वजनिक संबोधन का प्रयोग केवल स्थानीय अधिकारियों द्वारा किसी किस्म की घोषणा करने के लिए या जरुरत पडऩे पर सेहरी के अंत और इफ्तार समय की शुरुआत संबंधी घोषणा के लिए ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित रहने के लिए लोगों को घर में ही रहना चाहिए व रिश्तेदारों, मित्रों, पड़ोसियों आदि को इन दिनों के दौरान हर समय किसी अन्य व्यक्ति से कम-से-कम 1 मीटर की दूरी बनाकर देह से दूरी के नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने-अपने घरों से ही नमाज अदा करने के अलावा रमजान के दौरान इफ्तार व जश्नों के लिए हर तरह के सामाजिक एकत्रीकरण से परहेज किया जाए। जश्र मनाने और शुभकामनाएं देने के लिए किसी से गले मिलने व हाथ मिलाने से भी परहेज करना चाहिए।
डिप्टी कमिश्नर श्रीमती अपनीत रियात ने कहा कि मुबारकबाद देने के लिए दिल पर हाथ रखना, हाथ लहराना, सिर हिलाना आदि को एक दूसरे को बधाई देने के उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोबाइल व अन्य इलैक्ट्रानिक मीडिया को लोगों द्वारा बधाई देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकलने से पहले ही कपड़े का मास्क पहन लिया जाए व घर वापसी तक इसको पहन कर रखा जाए। उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र माह के दौरान खरीददारी करते समय सामाजिक दूरी के सभी नियमों का पालन करें व एक दूसरे से कम से कम 1 मीटर की दूरी बना कर रखी जाए। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे खरीददारी करने समय अपने घर से ही कपड़े का बैग लेकर जाएं व इसको इस्तेमाल करने के बाद साबुन या गुनगुने पानी से धो लें।
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Sunday, October 18