Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • रैम्प योजना के तहत साझेदार कार्यक्रम आयोजित
    • मनमोहन शर्मा ने धारों की धार में प्रगतिशील बागवान करण सिंह द्वारा स्थापित ब्लूबेरी फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन इकाई का किया दौरा
    • राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार रोकथाम दिवस के उपलक्ष्य पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • उचित मूल्य की दुकानें खोलने हेतू आवेदन की अंतिम तिथि 16 नवम्बर, 2026
    • एनपीएस संचय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • प्रदेश सरकार लोगों को घर-द्वार के समीप विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए कार्यरत- डॉ. शांडिल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Friday, October 23
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है।
    सिरमौर

    बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है।

    By Himachal VartaFebruary 7, 2024
    Facebook WhatsApp

    श्री रेणुका जी ( हिमाचल वार्ता न्यूज)प्रत्येक वर्ष माघ माह में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। इस दिन देवी सरस्वती का जन्म हुआ था। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती हाथों में पुस्तक, विणा और माला लिए श्वेत कमल पर विराजमान होकर प्रकट हुई थीं, इसलिए इस दिन मां सरस्वती की विषेश पूजा-अर्चना की जाती है।साथ ही बसंत पंचमी से ही बसंत ऋतु की शुरुआत होती है। ज्योतिष क्षेत्र में अंतराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति हासिल कर चुके जवाली के ज्योतिषी पंडित विपन शर्मा ने बताया कि वर्ष 2024 में माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 13 फरवरी को दोपहर 02 बजकर 41 मिनट से हो रही है तथा 14 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 09 मिनट पर इसका समापन होगा। इसके बाद षष्ठी का प्रवेश हो जाएगा। उदया तिथि 14 फरवरी को प्राप्त हो रही है, इसलिए इस साल वसंत पंचमी का पर्व 14 फरवरी को मनाया जाएगा14 फरवरी को वसंत पंचमी वाले दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 01 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। ऐसे में इस दिन पूजा के लिए आपके पास करीब 5 घंटे 35 मिनट तक का समय है। उन्होंने बताया कि इस दिन रेवती, अश्विनी नक्षत्र और शुभ व शुक्ल योग पड़ रहा है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • रैम्प योजना के तहत साझेदार कार्यक्रम आयोजित
    • मनमोहन शर्मा ने धारों की धार में प्रगतिशील बागवान करण सिंह द्वारा स्थापित ब्लूबेरी फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन इकाई का किया दौरा
    • राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार रोकथाम दिवस के उपलक्ष्य पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • उचित मूल्य की दुकानें खोलने हेतू आवेदन की अंतिम तिथि 16 नवम्बर, 2026
    • एनपीएस संचय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.