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    Home»हरियाणा»हरियाणा सरकार ने राज्य के नागरिकों के लिए ‘‘जल जीवन मिशन’ के ‘‘डैशबोर्ड’’ की शुरूआत की
    हरियाणा

    हरियाणा सरकार ने राज्य के नागरिकों के लिए ‘‘जल जीवन मिशन’ के ‘‘डैशबोर्ड’’ की शुरूआत की

    By Himachal VartaMay 2, 2020
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    चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य के नागरिकों के लिए ‘‘जल जीवन मिशन’ के ‘‘डैशबोर्ड’’ की शुरूआत की है और यह डैशबोर्ड जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है तथा इस डैशबोर्ड का लिंक https://phedharyana.gov.in/PHED-Dashboard/Index.html हैं। इस डैशबोर्ड का उपयोग जल जीवन मिशन की समीक्षा और निगरानी के लिए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा भी किया जाएगा।
    हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने इस डैशबोर्ड को गत दिवस यहां लांच किया और बताया कि ‘‘जल जीवन मिशन’’ के तहत प्रगति की निगरानी के लिए विभिन्न ऑनलाइन डैशबोर्ड विभाग के अधिकारियों, उपायुक्तों और आम जनता के लिए विकसित किये गए हैं। उन्होंने बताया कि यह डैशबोर्ड बहुत ही उपयोगी होगा क्योंकि वर्ष-2024 के राष्ट्रीय लक्ष्य से बहुत पहले ही हरियाणा ने वर्ष-2022 तक ‘‘जल जीवन मिशन’’ के उद्देश्यों को प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
    गौरतलब है कि इस डैशबोर्ड पर प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) का प्रदर्शन दिखाई देगा जिनमें पूरे हो गए कुल घरों के सर्वेक्षण का ब्यौरा और जिनमें कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) अब तक प्रदान किया गया है, का ब्यौरा होगा। इसी प्रकार, वर्ष 2020-21 में उपलब्ध कराए जाने वाले एफएचटीसी लक्ष्य तथा जिलेवार, ब्लॉक-वार, निर्वाचन क्षेत्र-वार, ग्राम पंचायत और घरों की निवास स्थिति, अब तक प्रदान की गई एफएचटीसी की जानकारी के साथ-साथ लंबित एफएचटीसी इत्यादि संकेतक व बिंदू शामिल है। इसी प्रकार, एफएचटीसी की प्रतिशत कवरेज या पेंडेंसी के आधार पर जिला-वार, निर्वाचन क्षेत्र-वार, ग्राम पंचायत और आवास-वार रैंकिंग शामिल है।
    इसी प्रकार, लंबित एफएचटीसी की वर्तमान स्थिति, जल जीवन मिशन के तहत काम की स्थिति, श्रेणी और लक्ष्य पूरा होने की तिथि के साथ निवास की विस्तार रिपोर्ट, मौजूदा पेयजल स्रोतों की सूची, ग्राम जल और सीवरेज समिति के सदस्य की सूची आदि शामिल है।
    गत 15 अगस्त, 2019 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘‘जल जीवन मिशन’’ के नाम से एक नई योजना शुरू करने की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य वर्ष-2024 तक देश में सभी ग्रामीण परिवारों को एक कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान करना है। ‘‘जल जीवन मिशन’’ के तहत काम पूरा होने के बाद सभी घरों को एफएचटीसी के साथ कवर किया जाएगा, जिसका अर्थ है कि नागरिकों को आईएस 10500:2012 मानकों के अनुसार 55 लीटर प्रति व्यक्ति दिवस (एलपीसीडी) पानी की आपूर्ति निर्धारित गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएगी। हरियाणा राष्ट्रीय लक्ष्य तिथि से बहुत पहले ही वर्ष-2022 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करने पर कार्य कर रहा है।
    इस योजना को समय पर पूरा करने के लिए दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में, मौजूदा गैर-नियमित जल कनेक्शनों को घरेलू सर्वेक्षण पूरा करने के बाद नियमित किया जाएगा और अब तक 8.09 लाख कनेक्शनों को नियमित किया गया है। दूसरे चरण में, बस्तियों में काम किया जाएगा जिन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। श्रेणी-1 में ऐसे गाँव शामिल हैं जहाँ पानी के स्रोत की कोई समस्या नहीं है, श्रेणी-2 में उन गाँवों को शामिल किया गया है जिनमें ग्रीष्मकाल में पानी की समस्या होती हैं और श्रेणी-3 में ऐसे गाँव शामिल हैं जिनमें बारहमासी स्रोत पानी की समस्याएँ हैं। इन कार्यों की पूर्णता की समय-सीमा श्रेणी 1, 2 और 3 में क्रमश: 30.09.2020, 30.06.2021 और 31.12.2022 हैं।
    इसके साथ ही, एक सटीक, व्यापक और विश्वसनीय सर्वेक्षण रिपोर्ट लाने के लिए सक्षम युवा के सहयोग से जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा एक व्यवस्थित घरेलू सर्वेक्षण किया जा रहा है, जो ‘‘जल जीवन मिशन’’ के तहत उन घरों तक पहुँचने के लिए एक मंच प्रदान करेगा जिनमें एफएचटीसी प्रदान किया जाना है। लगभग 29.90 लाख ग्रामीण परिवारों में से, 28.75 लाख परिवारों का अब तक सर्वेक्षण किया जा चुका है और शेष घरों का सर्वेक्षण अगले सप्ताह तक होने की संभावना है।

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