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    Home»हिमाचल प्रदेश»ऊना»ऊना में बरसात में जलभराव की समस्या : सामूहिक प्रयास से समाधान की ओर
    ऊना

    ऊना में बरसात में जलभराव की समस्या : सामूहिक प्रयास से समाधान की ओर

    By Himachal VartaSeptember 24, 2025
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    ऊना  ( हिमाचल वार्ता न्यूज )( राजन कुमार शर्मा)ऊना जिला हिमाचल प्रदेश का एक सुंदर और कृषि प्रधान क्षेत्र है, लेकिन बरसात के मौसम में यहाँ जलभराव की समस्या गंभीर रूप से देखी जाती है। भारी वर्षा के कारण नालों और नदियों में पानी का स्तर बढ़ जाता है, जिससे सड़कों, खेतों और घरों में जलभराव हो जाता है। यह समस्या न केवल लोगों की दैनिक जीवनशैली को प्रभावित करती है, बल्कि स्वास्थ्य, यातायात और कृषि को भी नुकसान पहुंचाती है।जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति और निर्माण ढांचे के कारण हर वर्ष बरसात के मौसम में जलभराव (Water Logging) की समस्या से जूझता है। जब भारी वर्षा होती है तो शहर एवं ग्रामीण इलाकों में उचित जल निकासी तंत्र (Drainage System) के अभाव में सड़कों, गलियों और घरों के आसपास पानी भर जाता है। यह स्थिति आमतौर पर एक-दो सप्ताह तक ही रहती है, परंतु इन दिनों में नागरिकों को भारी असुविधा, यातायात अवरोध और स्वास्थ्य संबंधी खतरे झेलने पड़ते हैं।
    समस्या की जड़:
    1. भूगोल एवं स्थलाकृति (Geography & Topography) – ऊना का क्षेत्र अपेक्षाकृत समतल है, जिससे वर्षा का पानी प्राकृतिक रूप से     शीघ्र नहीं निकल पाता।
    2. अपर्याप्त जल निकासी प्रणाली – वर्तमान में नालियों एवं ड्रेनेज का जाल बरसाती पानी के दबाव को झेलने योग्य नहीं है।
    3. अनियोजित निर्माण – आवासीय और व्यावसायिक भवनों का निर्माण बरसात की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है।                                                                                     4. जनता में  जागरूकता की कमी*  राष्ट्रीय राजमार्गों, सड़कों व आवासीय कॉलोनियों तथा रिहायशी शहरी क्षेत्रों में बनी हुई जल निकासी/नालियों में कुछ लोगों द्वारा घरेलू कचरा व गंदगी डालने से अवरोध उत्पन्न होता है। जो कि बाद में जल भराव जैसी समस्याओं को उत्पन्न करने के लिए जिम्मेदार होता है।
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