Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    • घुमारवीं में रेशम पालन लाभार्थियों के लिए फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट आयोजित
    • पंचायत चुनाव परिणाम से सहमे सुक्खू, खुद के लिए खोज रहे सुरक्षित सीट : जयराम ठाकुर
    • विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    • जयराम ठाकुर ने पांवटा में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
    • एसडीवीएच पांवटा साहिब में विश्व रेबीज दिवस 2026 का आयोजन
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Tuesday, September 29
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»शिमला»अधिकारियों के साथ-साथ लोगों को भी एफआरए अधिनियम की जानकारी होना आवश्यक – जगत सिंह नेगी*
    शिमला

    अधिकारियों के साथ-साथ लोगों को भी एफआरए अधिनियम की जानकारी होना आवश्यक – जगत सिंह नेगी*

    By Himachal VartaSeptember 29, 2025
    Facebook WhatsApp
    शिमला ( हिमाचल वार्ता न्यूज)वन अधिकार अधिनियम, 2006 से जुड़ी जटिलताओं को सरलता से समझाने तथा पात्र लोगों तक इसके लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से आज लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह चौपाल में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश के राजस्व, बागबानी, जनजातीय विकास एवं लोक शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने की।
    कार्यशाला की विशेषता रही कि कैबिनेट मंत्री ने स्वयं कार्यक्रम का संचालन करते हुए उपस्थित अधिकारियों और जनता को अधिनियम की बारीकियों से अवगत करवाया। उन्होंने विस्तारपूर्वक बताया कि यह अधिनियम किन परिस्थितियों में लागू हुआ और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि अधिनियम का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जानकारी के अभाव और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र लोग अक्सर अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं, ऐसे में अधिकारियों और जनता दोनों का अधिनियम की पूरी जानकारी रखना अत्यंत आवश्यक है।
    कार्यशाला में चौपाल निर्वाचन क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के प्रधानों ने अपने क्षेत्रों की समस्याएँ मंत्री के समक्ष रखीं। इनमें दस्तावेज़ीकरण की कठिनाई, सीमांकन संबंधी दिक्कतें, पटवारियों के स्तर पर आने वाली बाधाएँ और प्रक्रियाओं में होने वाली देरी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। मंत्री ने सभी को सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया ताकि पात्र लोगों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
    राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में वर्ष 2023 की तरह ही इस बार भी बरसात से भारी नुकसान हुआ है और इसके लिए केंद्र सरकार से पूर्ण सहयोग की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने आपदा राहत मैनुअल में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है, जिससे प्रभावित लोगों को लाभ मिल रहा है।
    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने यूनिवर्सल कार्टन योजना शुरू की है, जिससे बागवानों को उनकी फसलों के उचित दाम सुनिश्चित हो रहे हैं। साथ ही एपीएमसी के माध्यम से सेब की खरीद पर प्रति किलो 2 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस वर्ष अब तक 70 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, मंडी मध्यस्थता के अंतर्गत बागवानों को लगभग 154 करोड़ रुपये की एकमुश्त अदायगी की गई है।
    कांग्रेस कमेटी संगठन महासचिव रजनीश किमटा ने मंत्री का चौपाल आगमन पर स्वागत किया और क्षेत्र की समस्याओं से उन्हें अवगत करवाया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी संजीत शर्मा, जनजातीय विकास विभाग के संयुक्त निदेशक कैलाश, एसडीएम चौपाल हेम चंद, एफआरसी के सदस्य, पटवारी, वन विभाग के अधिकारी एवं वन रक्षक उपस्थित रहे। कार्यशाला में चौपाल निर्वाचन क्षेत्र के सभी पंचायत प्रधानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    • घुमारवीं में रेशम पालन लाभार्थियों के लिए फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट आयोजित
    • पंचायत चुनाव परिणाम से सहमे सुक्खू, खुद के लिए खोज रहे सुरक्षित सीट : जयराम ठाकुर
    • विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    • जयराम ठाकुर ने पांवटा में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.