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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»द ग्रेट खली भूमि विवाद पर अब एसडीएम पांवटा ने लिया बड़ा फैसला
    सिरमौर

    द ग्रेट खली भूमि विवाद पर अब एसडीएम पांवटा ने लिया बड़ा फैसला

    By Himachal VartaDecember 28, 2025
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    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):-सिरमौर जिला के पांवटा साहिब में विश्व प्रसिद्ध रेसलर द ग्रेट खली ने एक बार फिर राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। द ग्रेट खली और स्थानीय तहसीलदार के बीच जमीन की निशानदेही को लेकर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। खली ने न केवल अपने साथ हुए अन्याय की बात रखी , बल्कि पांवटा साहिब के कुछ अन्य लोग भी खुलकर मीडिया के सामने आए हैं और उन्होंने जमीन की खरीद फरोख्त को लेकर  गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से बात करते हुए विश्व प्रसिद्ध रेसलर द ग्रेट खली ने कहा कि उन्होंने पांवटा साहिब में जमीन खरीदी थी उस जमीन के कागजात रजिस्ट्री इंतकाल उनके पास है। जबकि संबंधित तहसीलदार उनकी जमीन को किसी अन्य व्यक्ति की बता रहा है।  द ग्रेट खली ने कहा कि उन्होंने खून पसीने की कमाई से जमीन बनाई है। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद में केवल उनके साथ ही नहीं , बल्कि अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी हुई है। द ग्रेट खली ने आरोप लगाया कि पांवटा साहिब जैसी पवित्र नगरी में यदि कोई अधिकारी भ्रष्टाचार और लोगों के शोषण में लिप्त है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि जमीन की निशानदेही के समय नियमों की अनदेखी की गई हैं। इस दौरान द ग्रेट खली कुछ अन्य जमीन मामले में पीड़ित लोगों को भी मीडिया के सामने लेकर आए जिन्होंने  तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यहां जमीन की खरीद फरोख्त में मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा है जो सही नहीं है। 
    उधर द ग्रेट खली जमीन मामले में एसडीएम पांवटा को डीसी सिरमौर द्वारा जांच सौंपी गई है। एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने बताया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। द ग्रेट खली को अपना पक्ष रखने के लिए भी पूरा समय और सहयोग किया जा रहा है।
    एसडीएम ने कहा कि जांच निष्पक्ष हो इसको लेकर विशेष कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें पांवटा साहिब तहसील कार्यालय से संबंधित कोई भी कर्मचारी शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अन्य लोगों को भी जमीन खरीदने बेचने समेत निशानदेही में समस्या आई है तो उन्हें शिकायत सौंपे , जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि डीसी सिरमौर के निर्देशों के बाद संबंधित तहसीलदार की शक्तियां भी वापस ले ली गई हैं।एसडीएम ने बताया कि उपायुक्त सिरमौर के निर्देश मिलने के बाद आठ दिसंबर को खली की शिकायत के मामले में सभी पक्षों को पहला नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में तीन दिन का टाइम दिया गया था। इसके बाद 15 दिसंबर को खली उर्फ दिलीप सिंह राणा के भाई यशपाल राणा कार्यालय में आकर मिले तथा उन्होंने 15 दिन का समय मांगा कि उन्हें कुछ दस्तावेज एकत्रित करने हैं।
    यशपाल राणा की मांग पर 15 दिन का समय 30 दिसंबर तक दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस जांच के लिए तहसील कार्यालय से कोई भी कर्मचारी नहीं लिया गया है। जांच टीम में रिटायर्ड नायब तहसीलदार व कानूनगो तथा दूसरे सर्किल से कानूनगो और पटवारी को शामिल किए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि जैसे ही दोनों पक्षों की ओर से जमीन के दस्तावेज उपलब्ध होंगे तो निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि दोनों पक्षों में से किसी को भी दस्तावेज एकत्रित करने के लिए और अधिक समय चाहिए , तो वह उच्च अधिकारियों से बात कर और समय का आग्रह भी कर सकते हैं , ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके।
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