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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»बुरांस के फूलों से सराबोर हुई जिला सिरमौर की पर्वत श्रृंखलाएं
    सिरमौर

    बुरांस के फूलों से सराबोर हुई जिला सिरमौर की पर्वत श्रृंखलाएं

    By Himachal VartaApril 2, 2026
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    श्री रेणुका जी ( हिमाचल वार्ता न्यूज):- जिला सिरमौर का राजगढ़ क्षेत्र  इन दिनों बुरांस के फूलों से सराबोर है। जिसका इस क्षेत्र में आए पर्यटकों द्वारा भरपूर लुत्फ उठाया जा रहा है। पर्यटक सड़क के किनारे गाड़ी को रोककर बुरांस के फूलों को निहार कर फोटो खीच रहे हैं। बता दें इसका वैज्ञानिक नाम रहोडोडेंड्रन  है। इसके पेड़ों पर मार्च-अप्रैल के महीने में लाल व गुलाबी रंग के फूल खिलते हैं। यह पौधा अधिकांश ठंडे जहां तापमान 120 डिग्री सेल्सियस रहता है और ढलान वाली जगहों में उगता है। इसके लिए अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है। बुरांस समुद्र तल से 1500 से 3600 मीटर की मध्यम ऊंचाई पर पाया जाने वाला वृक्ष है।
    इस वृक्ष की पत्तियां देखने में मोटी और फूल घंटी की तरह होते हैं। यह वृक्ष स्वतः ही जंगलों में उगता है। गौर रहे कि हिमाचल में यह फूल भरपूर मात्रा में पाया जाता है। कुछ जिलों में इस फूल का प्रयोग अचार , मुरब्बा और जूस के रूप में किया जाता है। ग्रामीण परिवेश के लोग बुरांस के फूलों को बाजार में बेचने को भी लाते है जो कि लोगों की आय का साधन भी बन गए है। क्षेत्र के वरिष्ठ दयाराम वर्मा, दौलत राम मेहता ने बताया कि वैशाख की संक्रांति को बुरांस के फूलों की माला बनाकर सबसे पहले अपने कुल देवता के मंदिर तदोपरांत अपने घरों में लगाना शुभ मानते हैं। बुरांस के फूलों की चटनी बहुत ही स्वादिष्ट होती है जो कि लू और नकसीर से बचने का अचूक नुस्खा है।
    कुछ लोग बुरांस पंखुड़ियों को सुखाकर रख लेते हैं जिसे वर्ष चटनी व अन्य खाद्य वस्तुओं में इस्तेमाल करते हैं। आयुर्वेद चिकित्सकों का कहना है बुरांस के फूल औषधीय गुणों से भरपूर है जिसका विभिन्न दवाओं में उपयोग किया जाता है।
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