Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों से हिमाचल की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने का किया आह्वान
    • 186 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू 29 सितम्बर को
    • 26 सितम्बर को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • एम.एस.एम.ई., जी.ई.एम., व्यवसाय नियोजन तथा ब्रांड प्रचार के लिए डिजिटल उपकरण विषय पर कार्यशाला आयोजित
    • हिमाचल अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेगा: मुख्यमंत्री प्रदेश सरकार उचित समय पर महंगाई भत्ते की शेष किस्तों का भुगतान करेगी
    • मुख्यमंत्री ने पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में 237.23 करोड़ रुपये की छह विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Friday, September 25
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सोलन»मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों से हिमाचल की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने का किया आह्वान
    सोलन

    मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों से हिमाचल की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने का किया आह्वान

    By Himachal VartaSeptember 25, 2026
    Facebook WhatsApp

    सोलन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में स्थापित विश्वविद्यालयों से हिमाचल की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री आज सोलन में ‘हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग एवं निजी विश्वविद्यालयों के संस्थागत योगदान, भविष्य की प्राथमिकताएं एवं सहयोगात्मक कार्यप्रणाली’ विषय पर आयोजित शैक्षणिक सम्मेलन सत्र एवं छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे।
    इस सम्मेलन का आयोजन हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग द्वारा प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों के सहयोग से किया गया।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मौसम में बदलाव, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, सतत् पर्यटन, अक्षय ऊर्जा, बागवानी, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें विश्वविद्यालयों द्वारा किया गया सार्थक अनुसंधान प्रदेश के हितों के संरक्षण में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार की सम्भावनाएं मज़बूत करने पर बल दिया।
    उन्होंने कहा कि इस दिशा में निजी विश्वविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण हैं। प्रदेश सरकार के लिए निजी विश्वविद्यालय मात्र शैक्षिणक संस्थान न होकर सम्पूर्ण उच्च शिक्षा प्रणाली के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के विस्तार एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने में उद्योग जगत एवं शिक्षण संस्थानों के मध्य सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार कर ही युवाओं को रोज़गार एवं स्वरोज़गार के बेहतर अवसर प्रदान किए जा सकते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि विश्वविद्यालय उभरते हुए रोज़गार अवसरों के दृष्टिगत पाठ्यक्रमों को अद्यतन करते रहें।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों को संकाय विकास, अनुसंधान सहयोग, छात्र आदान-प्रदान, स्टार्ट-अप और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में मिलकर कार्य करना चाहिए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में बेहतर पाठ्यक्रम, प्रयोगशालाएं, अनुसंधान सुविधाएं, उद्योग जगत के साथ सम्पर्क और राष्ट्र एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के रोज़गार अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य कर रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश में प्राथमिक स्तर से उच्चतम स्तर तक शिक्षा अधोसंरचना को समग्र रूप से स्तरोन्नत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की पहुंच, गुणवत्ता एवं छात्रों के कौशल निखार पर बल दिया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से हिमाचल में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सकारात्मक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। आज हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में 5वें स्थान पर पहुंच गया है जबकि वर्ष 2021 में प्रदेश 21वें स्थान पर था।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा सुदृढ़ भविष्य का आधार है। प्रदेश सरकार बहुसुविधा सम्पन्न राजीव गांधी डे बोर्डिंग विद्यालयों की स्थापना के साथ-साथ सरकारी विद्यालयों को सी.बी.एस.ई. से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश के 156 विद्यालयों में सी.बी.एस.ई. पाठ्यक्रम आरम्भ किया जा चुका है तथा 100 सरकारी विद्यालयों को अलगे वर्ष सी.बी.एस.ई. से सम्बद्ध किया जाएगा।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों से हिमाचल की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने का किया आह्वान
    • 186 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू 29 सितम्बर को
    • 26 सितम्बर को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • एम.एस.एम.ई., जी.ई.एम., व्यवसाय नियोजन तथा ब्रांड प्रचार के लिए डिजिटल उपकरण विषय पर कार्यशाला आयोजित
    • हिमाचल अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेगा: मुख्यमंत्री प्रदेश सरकार उचित समय पर महंगाई भत्ते की शेष किस्तों का भुगतान करेगी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.