Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    • राज्यपाल ने जेयूआईटी के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए
    • 21 व 22 जुलाई को सिरमौर जिला के लिए रेड अलर्ट जारी
    • स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक से सुसज्जित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Saturday, July 18
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सरकार चोर दरवाजे से सीमेंट कारखानों का आवंटन बंद करे : कांग्रेस
    हिमाचल प्रदेश

    सरकार चोर दरवाजे से सीमेंट कारखानों का आवंटन बंद करे : कांग्रेस

    By Himachal VartaAugust 14, 2019
    Facebook WhatsApp

    शिमला। प्रतिपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सीमेंट के कारखाने बंद कमरे में समझौता ज्ञापनों के माध्यम से स्थापित नहीं किए जा सकते। इसके लिए अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर निविदाएं मंगवानी पड़ेंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कानून में संशोधन कर चुकी है जिसमें खासतौर पर सीमेंट कारखानों के आवंटन के राज्य सरकारों के विशेषाधिकार समाप्त हैं। राज्य सरकारें चोर दरवाजे से सीमेंट कारखाने नहीं दे सकती। इसके लिए टेंडर लाज़िमी हैं। मुकेश अग्निहोत्री ने यह बात कुछ अखबारों में प्रकाशित उस खबर के आधार पर कही जिसमें कहा गया है कि डालमिया ग्रुप के साथ चंडीगढ़ में 2500 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि चम्बा के सीमेंट कारखाने के लिए भी इसीलिए ग्लोबल टेंडर हुए हैं, जिसमें कोई खरीदार नहीं मिला। यह कारखाना पहले जे.पी. के पास था और काम न करने के कारण रद्द हुआ। देश के नये कानून को देखते हुए उसे विज्ञापित किया गया। उन्होंने कहा कि इसी तरह डालमिया ने भी एम.ओ.यू. के जमाने में एक सीमेंट कारखाने का करार किया था। बार-बार मौका मिलने के बावजूद काम नहीं किया, इसलिए उसमें भी नये कानून को देखते हुए निविदाएं मांगी जानी चाहिए। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि निवेश के प्रस्तावों को भारी-भरकम दिखाने के मनसूबों के चलते पुराने निवेश को भी नया दिखाने का प्रयास हो रहा है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    • राज्यपाल ने जेयूआईटी के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए
    • 21 व 22 जुलाई को सिरमौर जिला के लिए रेड अलर्ट जारी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.