Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • ग्रामीण क्षेत्रों की मज़बूत आर्थिकी में ही प्रदेश का विकास निहित – डॉ. शांडिल
    • कालाअंब इंटर-स्टेट बैरियर से टकराया बेकाबू कंटेनर, दो लोग घायल
    • पक्का टैंक परिसर में नाहन परिषद द्वारा डाली गई रेत कब तक जनता को परेशान करेगी
    • पांवटा पुलिस ने 3.61 ग्राम चिट्टा के साथ तस्कर पकड़ा
    • कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की करें नियमित निगरानी : एसडीएम
    • एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता पर बलदेव तोमर ने दी बधाई
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, September 27
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान की समीक्षा बैठक आयोजित
    हिमाचल प्रदेश

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान की समीक्षा बैठक आयोजित

    By Himachal VartaSeptember 26, 2019
    Facebook WhatsApp

    शिमला। मुख्य सचिव डाॅ. श्रीकान्त बाल्दी की अध्यक्षता में आज यहां ऊर्जा तथा वन विभाग के साथ प्रदेश में जलविद्युत परियोजनओं में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान (कैट) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
    मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में कई महत्वपूर्ण नदियों पर विभिन्न जलविद्युत परियोजनाएं बनी हैं अथवा निर्माणाधीन हैं। इन जलविद्युत परियोजनाओं में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान की विशेष भूमिका होती है। प्रदेश में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान का प्रतिशत निर्धारित करने के लिए बेसिन-वाइज दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान में गाद को कम करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
    उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों के अनुसार परियोजना की कुल लागत का 2.5 प्रतिशत कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान पर खर्च किया जाना चाहिए तथा कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट निधि के उपयोग की निगरानी के लिए संबंधित हितधारकों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
    अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) राम सुभग सिंह ने प्रदेश में चल रही जलविद्युत परियोजनाओं में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल जलविद्युत परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में विकास सुनिश्चित करवा रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण पर भी आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं।
    इस अवसर पर प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन अजय कुमार, निदेशक ऊर्जा मानसी सहाय ठाकुर, वन तथा ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • ग्रामीण क्षेत्रों की मज़बूत आर्थिकी में ही प्रदेश का विकास निहित – डॉ. शांडिल
    • कालाअंब इंटर-स्टेट बैरियर से टकराया बेकाबू कंटेनर, दो लोग घायल
    • पक्का टैंक परिसर में नाहन परिषद द्वारा डाली गई रेत कब तक जनता को परेशान करेगी
    • पांवटा पुलिस ने 3.61 ग्राम चिट्टा के साथ तस्कर पकड़ा
    • कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की करें नियमित निगरानी : एसडीएम
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.