ददाहू। यदि आप ददाहू आने के इच्छुक हैं तो सोच समझकर आने में ही समझदारी है। आना बहुत जरूरी ना हो तो टालने में ही भलाई है क्योंकि काफी दिनों से बिजली विभाग ने ददाहू में बिजली कट की मुहिम चलाई हुई है। यहां बिजली का बार-बार आना-जाना लगा है जैसे की दस्त का मरीज बार-बार शौचालय जाता है वैसे सरकार हो या मीडिया हर कोई हिमाचल को ऊर्जा प्रदेश बताता है। दावे हैं कि राज्य में अपनी जरूरत से ज्यादा का बिजली उत्पादन है सप्लाई 24 घंटे हैं। किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है जबकि दूरदराज के ग्रामीण कस्बाई इलाकों में जमीनी हकीकत वही है जोकि ददाहू में बिजली बार-बार जाने से उपभोक्ता घोर दुखी हैं। उनके रोजमर्रा के काम व बच्चों की पढ़ाई पर बिजली के कट झटका दे रहे हैं कट भी अघोषित है। सूचना दी जाती है बिजली विभाग से शिकायत करो तो उसके पास जवाब पहले से ही तैयार की पीछे से ही गई है लाइट। यह पीछे कहां है यह पूछने जानने का भी मौका नहीं देते फोन काट देते हैं। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली का संकट इस कदर है कि झेलना मुश्किल हो गया है। कभी तो बिजली आते ही चली जाती है और लौटती है तो काफी समय के बाद। इससे उन लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है जिनकी रोजी रोटी बिजली के उपकरणों मशीनों पर निर्भर है। ददाहू में सिविल अस्पताल है मरीजों पर बार-बार बिजली जाने से क्या बीतती है यह भुक्तभोगी ही जानते हैं। एक उपभोक्ता ने कहा की यहां बिजली कट पहले भी लगते थे परंतु इन दिनों तो हद हो चुकी है। मोबाइल चार्ज करने में भी दिक्कत हो रही है। कंप्यूटर मोबाइल पर निर्भरता बढ़ती जा रही है यह उपकरण बिजली से चलते हैं इसकी जानकारी बिजली वालों को भी है ऐसे में कट पर कट का क्या मतलब है। सरकार कहती है बिजली की कमी नहीं है फिर ददाहू में इतनी बुरी स्थिति क्यों।
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Sunday, September 27