Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • ग्रामीण क्षेत्रों की मज़बूत आर्थिकी में ही प्रदेश का विकास निहित – डॉ. शांडिल
    • कालाअंब इंटर-स्टेट बैरियर से टकराया बेकाबू कंटेनर, दो लोग घायल
    • पक्का टैंक परिसर में नाहन परिषद द्वारा डाली गई रेत कब तक जनता को परेशान करेगी
    • पांवटा पुलिस ने 3.61 ग्राम चिट्टा के साथ तस्कर पकड़ा
    • कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की करें नियमित निगरानी : एसडीएम
    • एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता पर बलदेव तोमर ने दी बधाई
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Monday, September 28
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»हिमालयी राज्यों के लिए आपदा राहत निधि का सृजन किया जाएगा
    हिमाचल प्रदेश

    हिमालयी राज्यों के लिए आपदा राहत निधि का सृजन किया जाएगा

    By Himachal VartaOctober 24, 2019
    Facebook WhatsApp

    उत्तर-पश्चिमी हिमालयी पहाड़ी शहरों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर कार्यशाला सम्पन्न
    शिमला। उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के पहाड़ी शहरों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण की चुनौतियों पर दो दिवसीय कार्यशाला बुधवार सायं यहां सम्पन्न हुई। कार्यशाला के समापन पर उत्तर-पश्चिमी राज्यों के लिए आपदा प्रबन्धन की तैयारियों तथा आपदा की प्रतिक्रिया में सुधार पर चर्चा की गई।
    निदेशक एवं विशेष सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डी.सी. राणा ने बताया कि कार्यशाला के दौरान विचार-विमर्श और चर्चाओं के आधार पर, उत्तर-पश्चिमी हिमालयी राज्यों की भौगोलिक संवेदनशीलता के मद्देनज़र विभिन्न महत्वपूर्ण सिफारिशें और निर्णय लिए गए।
    उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों के लिए एक आपदा राहत निधि सृजित की जाएगी। कार्यशाला में सभी पहाड़ी शहरी क्षेत्रों के लिए एक जोखिम संवेदनशील भूमि उपयोग योजना बनाने और इसके सूक्ष्म आकलन के लिए ऐसे संभावित क्षेत्रों का खाक़ा तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उत्तर-पश्चिमी हिमालयी राज्यों के लिए प्राकृतिक आपदा को लेकर पूर्व चेतावनी प्रणाली को सुदृढ़ करने का सुझाव दिया गया। बाहरी एंजेंसियों के वित्तपोषण द्वारा भूंकप और भूस्खलन का प्रारंभिक तौर पर विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
    डी.सी. राणा ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों व पर्यटन स्थलों के लिए एक मजबूत नीति तथा प्रोटोकोल विकसित करने पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। वर्तमान उपलब्ध संरचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से पूर्ववत विकसित किया जाएगा।
    कार्यशाला में इस बात पर बल दिया गया कि भवन निर्माण के उप-नियम व्यापक होने चाहिए तथा भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएं। पहाड़ी राज्यों के उप-नियमों में राष्ट्रीय भवन निर्माण नियमों को यथावत लागू किया जाना चाहिए। कार्यशाला में यह भी सुझाव दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाले पुराने व नए व्यावसायिक भवन भी भवन उप-नियम के तहत आने चाहिए तथा इन नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। भवन उप-नियमों को बनाने और लागू करने का कार्य नगर नियोजन तथा शहरी विकास विभागों जैसी नोडल एजेंसियों के माध्यम से किया जाना चाहिए जो इसके लिए पूर्ण रूप से सक्षम हंै। इन एजेंसियों को नियमित रूप से भवन उप-नियमों के व्यावहारिक प्रावधानों को अपडेट करने तथा प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता है।
    उन्होंने कहा कि अग्निश्मन तथा नागरिक सुरक्षा जैसी एजेंसियों की संख्या में बढ़ोतरी के प्रयास करने तथा इन्हें आपदा के समय खोज एवं बचाव कार्य के लिए नवीनतम तकनीकी उपकरणों के साथ सुदृढ़ करने पर बल दिया जाना आवश्यक है। विभिन्न आपदाओं की निगरानी को लेकर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। यह भी सुझाव दिया गया है कि सामुदायिक स्तर पर प्रतिक्रिया तंत्र को विकसित किया जाना चाहिए तथा विभिन्न आपदाओं के बारे में नीति निर्माताओं व अधिकारियों को जागरूक किया जाए।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • ग्रामीण क्षेत्रों की मज़बूत आर्थिकी में ही प्रदेश का विकास निहित – डॉ. शांडिल
    • कालाअंब इंटर-स्टेट बैरियर से टकराया बेकाबू कंटेनर, दो लोग घायल
    • पक्का टैंक परिसर में नाहन परिषद द्वारा डाली गई रेत कब तक जनता को परेशान करेगी
    • पांवटा पुलिस ने 3.61 ग्राम चिट्टा के साथ तस्कर पकड़ा
    • कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की करें नियमित निगरानी : एसडीएम
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.