शिमला। मुख्य सचिव डाॅ. श्रीकांत बाल्दी ने आज यहां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम-2016 की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में इस अधिनियम के अंतर्गत अब तक 95,638 दिव्यांग पहचान-पत्र जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि गृह विभाग ने राज्य में सभी सत्र न्यायालयों में इस अधिनियम के तहत अपराध के लिए विशेष न्यायालय नामित किए हैं। सभी जिला न्यायवादी एवं सरकारी अभियोजक तथा उप जिला न्यायवादी एवं सरकारी अभियोजक को विशेष सरकारी अभियोजकों के तौर पर नामित किया गया है ताकि सत्र न्यायालयों व राज्य की विशेष अदालतों में ऐसे मामलों पर कार्रवाई की जा सके।
मुख्य सचिव ने इस अधिनियम के तहत दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगों के अधिकारों और उनके सम्मान की सुरक्षा के लिए भरसक प्रयास कर रही है। उन्होंने विभाग को दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुनिश्चित करने को कहा तथा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह दिव्यांगजनों के अधिकारों की प्रति अत्याधिक सतर्क रहें।
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Monday, September 28