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    • तृतीय चरण के मतदान के लिए सभी तैयारियां पूर्ण – मनमोहन शर्मा
    • विकास खण्ड सोलन के द्वितीय चरण के निर्वाचन के परिणाम घोषित
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    Home»पंजाब»मंत्रीमंडल द्वारा ‘व्यापार का अधिकार एक्ट-2020’ को मंजूरी
    पंजाब

    मंत्रीमंडल द्वारा ‘व्यापार का अधिकार एक्ट-2020’ को मंजूरी

    By Himachal VartaJanuary 16, 2020
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    सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों पर घटेगा रेगुलेटरी बोझ
    चंडीगढ़। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए कारोबार को आसान बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में मंत्रीमंडल ने आज विधान सभा के आगामी दो-दिवसीय विशेष सत्र में ‘पंजाब राइट टू बिजऩेस एक्ट-2020’ (पंजाब व्यापार का अधिकार एक्ट-2020) लाने के लिए हरी झंडी दे दी है।
    इस एक्ट का उद्देश्य नये सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की स्थापना करना और चलाने के लिए स्वै -घोषणा के उपबंध के अलावा विभिन्न मंजूरियों और पड़तालों से छूट देकर इन नयी इकाईयों पर रेगुलेटरी का बोझ घटाना है।
    इस एक्ट से राज्य में एम.एस.एम.ई. की स्थापना से पहले रेगुलेटरी मंजूरियों की थकाने वाली प्रक्रिया से बड़ी राहत मिलेगी।
    इस एक्ट से विभिन्न रेगुलेटरी सेवाएं इसके घेरे में आ जाएंगी जिनमें पंजाब म्यूंसिपल एक्ट-1911 और पंजाब म्यूंसिपल कोर्पोरेशन एक्ट-1976 के अंतर्गत इमारत योजना और नये व्यापार लाइसेंस का मुकम्मल और कब्ज़ा सर्टिफिकेट जारी करना, पंजाब रीजनल एंड टाऊन प्लैनिंग एंड डिवैल्पमैंट एक्ट-1995 के अंतर्गत इमारत योजना और चेंज ऑफ लैंड का प्रयोग, पंजाब फायर प्रीवैंशन और फायर सेफ्टी एक्ट-2004 के अंतर्गत एतराज़हीनता सर्टिफिकेट, पंजाब फैक्ट्री रूल्ज़ -1952 के अंतर्गत फैक्ट्री बिल्डिंग प्लान और फैक्ट्री लाईसेंस और पंजाब शॉप्ज़ एंड कमर्शियल एस्टैबलिशमैंट एक्ट-1958 के अंतर्गत दुकानों की रजिस्ट्रेशन या स्थापना शामिल है।
    इस एक्ट में हरेक जि़ले में डिप्टी कमिशनर, जो कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे, की अध्यक्षता अधीन एक जि़ला ब्यूरो ऑफ एंटरप्राईज़ के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे और अन्य मैंबर समय-समय पर सरकार द्वारा नोटीफाई किये जाएंगे। जि़ला ब्यूरो ऑफ एंटरप्राईज़ को जि़ला स्तरीय नोडल एजेंसी का दर्जा दिया जायेगा जो कि राज्य सरकार और राज्य नोडल एजेंसी की समूची निगरानी, दिशा और नियंत्रण अधीन काम करेगा।
    इस एक्ट के अधीन जि़ला स्तरीय नोडल एजेंसी राज्य में एम.एस.एम.ई. उद्योगों को सहायता और सुविधा, ‘डैकलरेशन ऑफ इंटैंट’ का रिकॉर्ड कायम और ‘सैद्धांतिक मंजूरी का सर्टिफिकेट’ देगा। प्रवानित औद्योगिक पार्कों में नये स्थापित उद्योगों से ‘डैकलरेशन ऑफ इंटैंट’ प्राप्त होने पर नोडल एजेंसी कामकाज वाले तीन दिनों के अंदर-अंदर ‘सैद्धांतिक मंजूरी का सर्टिफिकेट’ जारी करेगा। प्रवानित औद्योगिक पार्कों से बाहर प्रस्तावित एम.एस.एम.ई. इकाईयों को ‘सैद्धांतिक मंजूरी का सर्टिफिकेट’ जारी करने सम्बन्धी फ़ैसला जि़ला स्तरीय नोडल एजेंसी द्वारा परीक्षक कमेटी की सिफ़ारिश के अनुसार कामकाज वाले 15 दिनों के दौरान लिया जायेगा।
    नोडल एजेंसी की मंजूरी के बाद नये एम.एस.एम.ई. यूनिट अपना प्रोजैक्ट तुरंत शुरू कर सकेंगे और ‘सैद्धांतिक मंजूरी का सर्टिफिकेट’ के जारी होने से साढ़े तीन साल के समय के दौरान रेगुलेटरी की मंजूरी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
    पंजाब के उद्योगों और मुख्य तौर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का दबदबा है। यहाँ एम.एस.एम.ई. इकाईयों का एक समृद्ध औद्योगिक आधार है जो ऑटो कॉम्पोनैंट्स, साइकिल पार्टस, हौजऱी, खेल का सामान, कृषि यंत्र और अन्य बहुत से क्षेत्रों से सम्बन्धित हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार की मुख्य प्राथमिकता राज्य में कारोबार को आसान बनाना है और रोजग़ार और विकास में वृद्धि के लिए व्यापारिक माहौल में सुधार करना ज़रूरी है।

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