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    Home»हिमाचल प्रदेश»जिला आयुर्वेदिक अस्पताल नाहन में कोविड-19 सैंपलिंग स्टेशन स्थापित
    हिमाचल प्रदेश

    जिला आयुर्वेदिक अस्पताल नाहन में कोविड-19 सैंपलिंग स्टेशन स्थापित

    By Himachal VartaApril 11, 2020
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    सैंपलिंग बूथ से एक दिन में लिए जाएंगे 40 से 50 सैंपल
    नाहन। कोरोना वायरस की जाँच के लिए जिला आयुर्वेदिक अस्पताल नाहन में कोविड-19 सैंपलिंग स्टेशन की शुरुआत आज उपायुक्त सिरमौर डॉ आर के परुथी की मौजूदगी में हुई।
    इस मौके पर डॉ परुथी ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण हो तो वह जिला आयुर्वेदिक अस्पताल आकर अपना सैंपल बिना अस्पताल के किसी कर्मी के संपर्क में आकर दे सकता है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ हमारी सुरक्षा की पहली पंक्ति हैं, अगर यह मजबूत होगी तो आगे संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है क्योंकि ऐसी भी रिपोर्ट्स आई हैं की डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ, जो कोरोना वायरस के मरीजों का उपचार कर रहे हैं, वो भी उनसे संक्रमित हुए हैं। इस सैंपलिंग स्टेशन में एक सैनिटाईजेशन टनल, एक रजिस्ट्रेशन बूथ, मरीजों के लिए वेटिंग हॉल, एक स्क्रीनिंग रूम और एक सैंपलिंग बूथ बनाया गया है।
    उन्होंने बताया कि इस सैंपलिंग बूथ में शारीरिक दूरी बनी रहेगी और सारी प्रक्रिया अपने आप ही पूर्ण करेगी। अगर किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी तो सम्बंधित अधिकारीयों को इसकी जानकारी दी जाएगी और अगर रिपोर्ट नेगेटिव आएगी तो मरीज को इसकी सूचना दे दी जाएगी।
    उन्होंने बताया की जैसे ही कोई मरीज अस्पताल आएगा तो उसे मुख्य द्वार पर बनी सैनिटिजेशन टनल से होकर गुजारना होगा जिसमे उसे पूरी तरह सैनिटाईज किया जायेगा। इसके उपरांत वह अपने हाथ धोएगा फिर उसके बाद वह रजिस्ट्रेशन बूथ पर जायेगा जो की शीशे की दीवार से विभाजित होगा और मरीज और पंजीकरण कर्मी के पास दोनों तरफ माईक और कंप्यूटर स्क्रीन लगे होंगे जिससे दोनों के बीच सही संवाद हो सके तथा मरीज की सारी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर सही डल सके। इसके उपरांत मरीज को टोकन दिया जायेगा और वेटिंग हॉल में अपनी बारी के लिए इंतजार करने को कहा जायेगा। वेटिंग हॉल में बैठने की व्यवस्था सोशल डिस्टेंसिंग की पलना करते हुए की गई हैं और एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मरीजों को सैंपल लेने की विधि की जानकारी दी जाएगी। एक स्पीकर के माध्यम से टोकन नंबर की घोषणा की जाएगी जिससे मरीजों को उनकी बारी का पता चलता रहेगा। वहां से मरीज को स्क्रीनिंग रूम में भेजा जायेगा जहाँ डॉक्टर जांच करेगा कि मरीज को कोविड-19 टेस्ट करवाने की आवशयकता है या नहीं। आवश्यकतानुसार सैंपलिंग बूथ के माध्यम से मरीज का सैंपल लिया जाएगा। हर एक सैंपल के बाद पूरे स्टेशन की सैनिटिजेशन होगी जिसके लिए पूरी व्यवस्था कर दी गयी है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है जिससे टेस्ट की रिपोर्ट तैयार होने के बाद अधिकारीयों को भी उसकी कॉपी चली जाएगी। कोविड-19 संभावित मरीजों को रखने के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाये गए हैं जिनकी दीवारें कांच की हैं तथा दोनों तरफ माईक लगे हैं ताकि मरीज और स्टाफ के बीच बिना शारीरिक संपर्क के संवाद हो सके। इसके इलावा, ऐसे कमरों में सीसीटीवी कैमरा भी लगे हुए हैं ताकि हर समय मरीज की निगरानी हो सके।
    डॉ परुथी ने बताया की इस सैंपलिंग बूथ की क्षमता एक दिन में 40 से 50 सैंपल लेने कि है। इस बूथ का इस्तेमाल अन्य रोगों की जांच में भी हो सकता है जो छूने से फैलती हैं। उन्होंने बताया की जब डॉक्टर या पैरा मेडिकल स्टाफ तथा मरीज के बीच कोई संपर्क नहीं होगा तो इससे बीमारी का एक प्रकार से चेन ब्रेक हो जायेगा।
    सैंपलिंग बूथ की स्थापना करने वाली कंपनी एथेंस लाइफ साइंसेज काला आम के प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा ने बताया की इस सैंपलिंग स्टेशन की स्थापना पर करीब 15 लाख रूपए की लागत आई है। उन्होंने बताया की सैंपलिंग बूथ की लम्बाई और चौड़ाई चार-चार फुट और ऊंचाई सात फुट है। इसी प्रकार, सैनिटाइजेशन टनल की लम्बाई और ऊंचाई आठ-आठ फुट है और चौड़ाई पांच फुट है। स्टेशन में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा और एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है। कंपनी के स्टाफ द्वारा डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ को मशीन के संचालन से सम्बंधित जरूरी ट्रेनिंग दी जाएगी।

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