Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    • आमजन को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करना व हरित परिवहन को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता- मुकेश अग्निहोत्री
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Thursday, June 4
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»देश की रीढ़ ‘‘श्रमिक’’ के लिए मसीहा बना दंपत्ति, अब तक 200 भेजे घर
    सिरमौर

    देश की रीढ़ ‘‘श्रमिक’’ के लिए मसीहा बना दंपत्ति, अब तक 200 भेजे घर

    By Himachal VartaMay 23, 2020
    Facebook WhatsApp
    himachal varta

    नाहन। कोरोना ने एक बात देश को बारीकी से ये भी समझाई है कि ऊंची-ऊंची इमारतों का निर्माण व कारखानों में उत्पादन श्रमिकों के दम पर ही संभव है। बावजूद इसके देश की रीढ़ का तिरस्कार किया जा रहा है। इसके विपरीत  नाहन  तहसील के अधीन  आने वाले  मोगीनंद गााँव में रह रहे एक दंपत्ति नागेंद्र सिंह रावल व ममता रावल ने लाॅकडाउन में गरीबों के दुख को अपना समझा है। प्रशासन ने भी दंपत्ति की हौंसला अफजाई की है। अब तक चार बसें उत्तर प्रदेश के बरेली भेजी जा चुकी हैं। इसके अलावा लखनऊ भी एक बस भेजी गई है। एक छोटे वाहन के माध्यम से 7 श्रमिकों को बिजनौर पहुंचाया गया।

    यही नहीं करीब एक माह से परिवार श्रमिकों को निशुल्क राशन वितरण करने में भी लगा हुआ है। साथ-साथ हजारों की तादाद में मास्क भी बांटे जा चुके हैं।

    नागेंद्र सिंह रावल से जब पूछा गया कि क्या आप खर्च वहन कर रहे हैं तो जवाब में कहा कि भगवती मां करा रही है। बातों-बातों में स्वीकार करना पड़ा कि वो ओर उनकी पत्नी लगातार प्रयास में जुटे हैं कि किसी भी श्रमिक को कोई दिक्कत न आए। नागेंद्र सिंह की पृष्ठभूमि आरएसएस से जुड़ी हुई है, विधानसभा चुनाव के दौरान सिरमौर के प्रभारी भी रहे। हाल ही के लोकसभा चुनाव में नागेंद्र सिंह को हरियाणा के कुछ संसदीय क्षेत्रों का प्रभारी बनाया गया था। जबकि पत्नी ममता रावल इस समय एलएडी में लेखाधिकारी के पद पर तैनात हैं।

    दंपत्ति द्वारा नव पूर्णिमा सोसायटी का संचालन भी किया जाता है। बातचीत के दौरान नागेंद्र सिंह ने बताया कि बरेली व लखनऊ की प्रति बस का खर्चा 50 से 60 हजार के बीच आया। हरेक बस में 39 श्रमिकों को भेजा गया। उन्होंने कहा कि सबको एक दिन संसार त्यागना है। क्यों न कुछ ऐसा करके जाएं कि दुनिया छोड़ने के बाद आपको याद किया जाता रहे। उनका कहना था कि भगवती के आशीर्वाद से आमदनी का साधन रैंटल इन्कम है। वो पूरा दिन ही मानव सेवा को समर्पित करने का प्रयास करते हैं। उनका कहना था कि लाॅकडाउन में श्रमिकों की सेवा का मौका इस कारण मिला, क्योंकि प्रशासन ने भी सहमति दी। अन्यथा, प्रशासन के सहयोग के बगैर वो चाहकर भी इन परिस्थितियों में कुछ नहीं कर पाते।

    कुल मिलाकर दंपत्ति की इस तरह की सोच को सलाम किया जाना चाहिए। राजगढ़ व बद्दी से भी ऐसे मामले सामने आए थे, जब दुकान मालिकों ने लाखों रुपए का रैंट माफ करने का ऐलान किया था

     कोरोना ने एक बात देश को बारीकी से ये भी समझाई है कि ऊंची-ऊंची इमारतों का निर्माण व कारखानों में उत्पादन श्रमिकों के दम पर ही संभव है। बावजूद इसके देश की रीढ़ का तिरस्कार किया जा रहा है। इसके विपरीत  नााा नाहन  तहसील के अधीन  आने वाले     मोगीनंद गााँव में रह रहे एक दंपत्ति नागेंद्र सिंह रावल व ममता रावल ने लाॅकडाउन में गरीबों के दुख को अपना समझा है। प्रशासन ने भी दंपत्ति की हौंसला अफजाई की है। अब तक चार बसें उत्तर प्रदेश के बरेली भेजी जा चुकी हैं। इसके अलावा लखनऊ भी एक बस भेजी गई है। एक छोटे वाहन के माध्यम से 7 श्रमिकों को बिजनौर पहुंचाया गया।

    यही नहीं करीब एक माह से परिवार श्रमिकों को निशुल्क राशन वितरण करने में भी लगा हुआ है। साथ-साथ हजारों की तादाद में मास्क भी बांटे जा चुके हैं।

    नागेंद्र सिंह रावल से जब पूछा गया कि क्या आप खर्च वहन कर रहे हैं तो जवाब में कहा कि भगवती मां करा रही है। बातों-बातों में स्वीकार करना पड़ा कि वो ओर उनकी पत्नी लगातार प्रयास में जुटे हैं कि किसी भी श्रमिक को कोई दिक्कत न आए। नागेंद्र सिंह की पृष्ठभूमि आरएसएस से जुड़ी हुई है, विधानसभा चुनाव के दौरान सिरमौर के प्रभारी भी रहे। हाल ही के लोकसभा चुनाव में नागेंद्र सिंह को हरियाणा के कुछ संसदीय क्षेत्रों का प्रभारी बनाया गया था। जबकि पत्नी ममता रावल इस समय एलएडी में लेखाधिकारी के पद पर तैनात हैं।

    दंपत्ति द्वारा नव पूर्णिमा सोसायटी का संचालन भी किया जाता है। बातचीत के दौरान नागेंद्र सिंह ने बताया कि बरेली व लखनऊ की प्रति बस का खर्चा 50 से 60 हजार के बीच आया। हरेक बस में 39 श्रमिकों को भेजा गया। उन्होंने कहा कि सबको एक दिन संसार त्यागना है। क्यों न कुछ ऐसा करके जाएं कि दुनिया छोड़ने के बाद आपको याद किया जाता रहे। उनका कहना था कि भगवती के आशीर्वाद से आमदनी का साधन रैंटल इन्कम है। वो पूरा दिन ही मानव सेवा को समर्पित करने का प्रयास करते हैं। उनका कहना था कि लाॅकडाउन में श्रमिकों की सेवा का मौका इस कारण मिला, क्योंकि प्रशासन ने भी सहमति दी। अन्यथा, प्रशासन के सहयोग के बगैर वो चाहकर भी इन परिस्थितियों में कुछ नहीं कर पाते।

    कुल मिलाकर दंपत्ति की इस तरह की सोच को सलाम किया जाना चाहिए। राजगढ़ व बद्दी से भी ऐसे मामले सामने आए थे, जब दुकान मालिकों ने लाखों रुपए का रैंट माफ करने का ऐलान किया था

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.