Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    • सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    • राज्यपाल ने जेयूआईटी के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, July 22
    Himachal Varta
    Home»चण्डीगढ़»प्रदेश में शिक्षकों की गुणवत्तापूर्वक शिक्षा के लिए एक आदर्श संस्थान विकसित करने के दृष्टिगत हरियाणा सरकार ने अब राज्य के अन्य जिलों में भी प्रारम्भ स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन टीचर एजुकेशन (एसआईएएसटीई) की स्थापना करने का निर्णय लिया
    चण्डीगढ़

    प्रदेश में शिक्षकों की गुणवत्तापूर्वक शिक्षा के लिए एक आदर्श संस्थान विकसित करने के दृष्टिगत हरियाणा सरकार ने अब राज्य के अन्य जिलों में भी प्रारम्भ स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन टीचर एजुकेशन (एसआईएएसटीई) की स्थापना करने का निर्णय लिया

    By Himachal VartaJune 11, 2020
    Facebook WhatsApp

    चंडीगढ़। प्रदेश में शिक्षकों की गुणवत्तापूर्वक शिक्षा के लिए एक आदर्श संस्थान विकसित करने के दृष्टिगत हरियाणा सरकार ने अब राज्य के अन्य जिलों में भी प्रारम्भ स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन टीचर एजुकेशन (एसआईएएसटीई) की स्थापना करने का निर्णय लिया है।

    इस आशय का निर्णय आज यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित प्रारम्भ स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन टीचर एजुकेशन की गवर्निंग बॉडी की दूसरी बैठक में लिया गया। बैठक में शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईएएसटीई, झज्जर अपने वर्तमान स्थान पर कार्य करना जारी रखेगा, जबकि राज्य के विभिन्न जिलों में दो या तीन अन्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को एसआईएएसटीई के मौजूदा परिसर का दौरा करने और संस्थान के विस्तार की संभावनाओं का पता लगाने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक छात्र संस्थान में प्रवेश ले सकें और गुणवत्ता शिक्षक प्रशिक्षण का लाभ उठा सकें।

    एसआईएएसटीई के निदेशक श्री ऋषि गोयल ने संस्थान द्वारा की गई प्रगति और व्यवस्थाओं के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया और कुछ आवश्यकताओं को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बीए-बीएड और बीएससी- बीएड के एकीकृत पाठ्यक्रमों में चार बैचों में 18 राज्यों के 307 छात्र अध्ययन कर रहे हैं।

    बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री महावीर सिंह, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक श्री जे. गणेशन उपस्थित थे।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    • सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.