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    Home»हिमाचल प्रदेश»राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धः मुख्यमंत्री
    हिमाचल प्रदेश

    राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धः मुख्यमंत्री

    By Himachal VartaJune 27, 2020
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    शिमला।  प्रदेश सरकार मौजूदा शैक्षणिक अधोसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने के साथ राज्य में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विद्यार्थियों को प्रदेश में ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो और वह अपनी क्षमताओं के अनुसार राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में भाग ले सकें। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् का गठन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य परियोजना निदेशालय रूसा, प्रदेश में उच्च शिक्षा की पहुंच, समानता और गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि रूसा के अंतर्गत मिलने वाला अनुदान नैक (एनएएसी) द्वारा मान्यता पर निर्भर करता है, जिसके कारण विभिन्न काॅलेजों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आरंभ होगी तथा इससे सभी काॅलेज नैक मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रेरित होंगे।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल कलस्टर विश्वविद्यालय मण्डी की स्थापना रूसा के दिशा-निर्देशों अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विश्वविद्यालय के लिए 55 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें से 27.50 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में अधोसंरचना, 26 महाविद्यालयों में अधोसंरचना, चम्बा जिला के लिल्लह कोठी में नए माॅडल डिग्री काॅलेज, डीएवी सेंटनरी महाविद्यालय कोटखाई और राजकीय महाविद्यालय चम्बा के स्तरोन्नयन के लिए रूसा के अन्तर्गत वर्ष 2018 में 92 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 929 उच्च और 1871 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के अतिरिक्त 138 राजकीय महाविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न घटकों में 3,671.95 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 के दौरान भवनों और शैक्षिक अधोसंरचना के लिए 116.37 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान इन मदों पर 114.36 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। उन्होंने कहा कि 1171 निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जबकि 314 कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने अधिकारियों को छात्रों की सुविधा के लिए शैक्षणिक संस्थानों में भवनों के निर्माण और अधोसंरचनात्मक कार्यों पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
    जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राष्ट्रीय फ्लैगशिप योजनाएं जैसे छात्रवृति योजनाएं जैसे रूसा, स्वच्छ भारत अभियान, खेलो इंडिया स्कूल गेम्स, एक भारत श्रेष्ठ भारत, भारत स्काउटस एंड गाईडस, इंस्पायर अवार्ड योजना, अटल टिंकरिंग लैब, साप्ताहिक आयरन फॅालिक ऐसिड सप्लिमेंटेंशन प्रोग्राम, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्रोग्राम, होस्टल सुविधाएं प्रदान करने के लिए आदि योजनाओं को अक्षरशः लागू करें, ताकि इन योजनाओं के लाभ अधिकतम विद्यार्थियों तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 के दौरान केंद्र प्रायोजित छात्रवृत्ति योजनाओं पर 98.98 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग कोविड-19 महामारी के मद्देनजर छात्रों को पढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम प्रयोग सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों जैसे दूरदर्शन, रेडियो और सोशल मीडिया का प्रयोग बच्चों को पढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
    बैठक में बताया गया की मुख्यमंत्री द्वारा की गई 194 घोषणाओं मे से 140 घोषणाओं को लागू कर दिया गया है तथा 54 घोषणाओं पर प्रक्रिया जारी हैं।
    शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने राज्य में लगभग विभिन्न स्कूलों में कार्यरत 10097 पीटीए, पैट और पैरा-शिक्षकों की सेवाओं को नियमित करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही लंबे समय से लंबित मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को विभिन्न ऐजेंसियों द्वारा सर्वश्रेष्ठ राज्य का दर्जा दिया गया है।
    विशेष सचिव शिक्षा राजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
    निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा और निदेशक प्राथमिक शिक्षा रोहित जम्वाल ने विभाग की विभिन्न गतिविधियों पर प्रस्तुति दी।
    मुख्य सचिव अनिल खाची, प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, विशेष सचिव राखिल काहलों और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

     

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