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    Home»हिमाचल प्रदेश»मंत्रिमण्डल की बैठक में प्राथमिक और उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालीन जलवाहकों के मानदेय में 300 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि
    हिमाचल प्रदेश

    मंत्रिमण्डल की बैठक में प्राथमिक और उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालीन जलवाहकों के मानदेय में 300 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि

    By Himachal VartaJuly 10, 2020
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    हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल के निर्णय

    शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में प्राथमिक और उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालीन जलवाहकों के मानदेय में 300 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि कर 2400 रुपये ये बढ़ाकर 2700 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया।
    मंत्रिमण्डल ने 25 जून, 1975 से 21 मार्च, 1977 तक आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की सुरक्षा और लोगों के मौलिक अधिकारों के लिए आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम (मीसा) और डीआईआर डिफैंस आॅॅफ इण्डिया रूल के तहत एक से 15 दिनों तक कैद में रहे लोगों को 8000 रुपये प्रति माह और 15 दिनों से अधिक अवधि तक कैद में रहने वालांे को 12000 रुपये प्रतिमाह लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि के रूप में प्रदान करने का निर्णय लिया है।
    बैठक में सरकारी स्कूलों में अंशकलीन मल्टी टास्क वर्कर्स को सम्मिलित करने के लिए एक नीति तैयार करने को स्वीकृति दी। इसके तहत प्रारम्भ में 7852 योग्य बेरोजगारों को स्थानीय स्तर पर मानदेय अर्जित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। इन कार्यकर्ताओं को अकादमिक वर्ष के दौरान 10 महीनों के लिए छः घण्टे के लिए प्रतिदिन 31.25 रुपये प्रति घण्टे का मानदेय दिया जाएगा।
    मंत्रिमण्डल ने देश की सेवा के लिए भारतीय सेना/नौसेना/वायु सेना व अर्द्ध सैनिक बल में शामिल होने के इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए जिला मण्डी के सरकाघाट क्षेत्र के बर्चवाड में प्रशिक्षण अकादमी/केन्द्र स्थापित करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की।
    मंत्रिमंडल ने शिमला में लोक निर्माण विभाग के तहत नए बागवानी खण्ड खोलने का निर्णय लिया। बागवानी विभाग के वर्तमान सभी उप-मण्डलों को इस मण्डल  के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया जाएगा। यह नया बागवानी मण्डल जैव इंजिनियरिंग तकनीक के माध्यम से सड़क के किनारे पौधरोपण और ढलान स्थिरता जैसी गतिविधियांे को सुनिश्चित करके हरित सड़कों के निर्माण में मदद करेगा।
    वैश्वीकरण की चुनौतियों का सामना करने और व्यवसाय के तरीकों में नियोक्ता को लचीलापन प्रदान करने की दृष्टि से, श्रमिकों को लाभान्वित करने के अतिरिक्त राज्य मंत्रिमंडल ने औद्योगिक रोजगार (स्थाई आदेश) हिमाचल प्रदेश (संशोधन) नियम-2019 को मंजूरी प्रदान की। औद्योगिक रोजगार (स्थाई आदेश) अधिनियम, 1946 तथा इसके उपरांत बनाए गए नियमों के तहत अपने अधिकार क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठान निश्चित अवधि के रोजगार श्रमिकों के लिए प्रावधान किए गए हैं। यह ‘फिकस्ड टर्म एम्पलाॅयमेंट वर्कमेन’ को समान वैधानिक लाभ देगा, जो नियमित कर्मचारियों को दिए जा रहे हैं। इससे अनुबंध अधिकारियों का शोषण कम होगा, क्योंकि नियोक्ता बिना किसी मध्यस्थ के निश्चित समय अवधि के लिए श्रमिकों को अनुबंध आधार पर काम पर रख सकेगा।
    मंत्रिमंडल ने ऊना जिले की हरोली तहसील में पल्कवाह खास में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्मित कौशल विकास संस्थान को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान को लोक निर्माण विभाग द्वारा मूल्यांकित दरों पर पट्टे पर देने का निर्णय लिया।
    मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के मैनुअल 2019 और सीपीडब्ल्यूडी के विभिन्न प्रकाशनों को अपनाने की स्वीकृति प्रदान की। इससे पारंपरिक निर्माण विधाओं पर प्रभुत्व हासिल करने के लिए नई उभरती निर्माण तकनीकों को अपनाकर विभाग में बदलाव लाए जाएंगे। यह राज्य लोक निर्माण विभाग के लिए मार्गदर्शक पुस्तक का कार्य करेगा, क्योंकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के पास महानिदेशक के नेतृत्व में अपना स्वयं का डिजाईन निदेशालय है।
    विभिन्न अधिनियमों के तहत बनाए जाने वाले रजिस्टरों/प्रपत्रों की संख्या को कम करने और राज्य में विभिन्न श्रम कानूनों की आवश्यकताओं के अनुपालन उपायों के लिए मंत्रिमंडल ने विभिन्न श्रम नियमों के तहत हिमाचल प्रदेश अनुपालन सुगमता रजिस्टर नियम, 2019 को अपनाने का निर्णय लिया।
    मंत्रिमंडल ने मैसर्स अर्नेस्ट एंड यंग (ईवाई) को ईज आॅफ डूइंग बिजनेस (राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना और जिला व्यापार सुधार कार्य योजना) और राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिए परामर्शी सेवाएं प्रदान करने हेतु रिसोर्स व्यक्तियों की नियुक्ति करने को अपनी मंजूरी दी।

     

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