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    Home»हिमाचल प्रदेश»मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 1605 मामले स्वीकृतः मुख्यमंत्रीे
    हिमाचल प्रदेश

    मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 1605 मामले स्वीकृतः मुख्यमंत्रीे

    By Himachal VartaJuly 17, 2020
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    शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के लाभार्थियों से वीडियो .काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2018-19 में यह योजना युवाओं को अपने उद्यम स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए आरम्भ की है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत आरंभ में परियोजना लागत सीमा, जिसमें कार्यशील पूंजी 40 लाख रुपये थी, को वर्ष 2019-20 में बढ़ाकर 60 लाख रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह निर्णय भी लिया है कि चालू पूंजी निवेश में पूर्व निर्धारित सीमा के अनुसार योजना के तहत इकाइयों की स्थापना के लिए आवश्यक भवन और अन्य परिसंपत्तियां भी शामिल की गई हैं। सरकार निवेश/मशीनरी पर 25 प्रतिशत अनुदान प्रदान कर रही है, जबकि महिलाओं को 30 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष के बजट में सरकार ने योजना के तहत 45 वर्ष तक की आयु की विधवाओं को 35 प्रतिशत अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया है।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि अभी तक इस योजना के तहत 1605 मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके तहत लाभार्थियों को 312 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए जाएंगें। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस ऋण राशि पर 74.70 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया है। राज्य सरकार इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक लोगों की सहायता के लिए आॅनलाइन पोर्टल आरंभ करेगी। इच्छुक युवा योजना से लाभ उठाने के लिए इस पोर्टल पर आॅनलाइन आवेदन कर सकेंगें, जिससे उनके कीमती समय और धन की भी बचत होगी।
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सोशल मीडिया मंचों और इलैक्ट्राॅनिक मीडिया में सघन सूचना, शिक्षा और सम्पर्क अभियान आरम्भ कर बेहतर कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों को जागरूकता अभियान शुरू करने और बैंकों को ऋणों की स्वीकृति के लिए राजी करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सीजीटी, एमएसई के तहत सहकारी बैंकों के मामले की कवरेज को भारत सरकार के समक्ष उठाया है।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार के लिए प्रत्येक युवा को सरकारी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करवाना संभव नहीं है। इस योजना के माध्यम से युवा न केवल अच्छी आय अर्जित कर पा रहें हैं, बल्कि वे अन्य युवाओं को भी रोजगार प्रदान कर रहें हैं। उन्होंने उद्योग विभाग के अधिकारियों को युवाओं की सुविधा के लिए पोर्टल विकसित करने के कार्य में शीघ्रता लाने के निर्देश दिए, जिससे युवा इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकें।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टार्ट-अप हिमाचल योजना के लाभार्थियों से भी बातचीत की।
    उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने राष्ट्रीयकृत बैंकों से युवाओं की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया, ताकि युवा अपने उद्यम शीघ्र आरंभ कर सके। उन्होंने कहा कि युवाओं को लाभान्वित करने के लिए योजना को सरल और आकर्षक बनाया जाना चाहिए।
    अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि विभाग युवाओं के लिए विभिन्न परियोजनाओं की समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित करेगा।
    निदेशक उद्योग हंस राज शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।
    इस अवसर पर विभिन्न युवा उद्यमियों और योजना के लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री से बातचीत की तथा अपने विचार सांझा किए। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत ऊना जिला के रविन्द्र पराशर ने स्टार्ट-अप योजना के तहत अगरबत्ती बनाने की इकाई, जबकि सोलन जिला की ममता ने कंडाघाट में मशरूम प्रसंस्करण इकाई आरंभ की है। इसी प्रकार अश्वनी राठी ने बेकार पत्थरों पर आधारित उद्योग आरंभ किया है, जबकि सोलन जिला के राहुल चैहान एलईडी लाईटस का अच्छा व्यापार कर रहें हैं।
    मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आर.एन. बत्ता, विशेष सचिव उद्योग आबिद हुसैन सादिक और अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

     

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