Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • माँ शूलिनी मेला परम्परागत रूप से किया जाएगा आयोजित – डॉ. शांडिल
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Thursday, June 4
    Himachal Varta
    Home»चण्डीगढ़»पंजाब कैबिनेट द्वारा छह और विभागों के लिए चार वर्षीय रणनीतिक कार्य योजना को हरी झंडी
    चण्डीगढ़

    पंजाब कैबिनेट द्वारा छह और विभागों के लिए चार वर्षीय रणनीतिक कार्य योजना को हरी झंडी

    By Himachal VartaAugust 6, 2020
    Facebook WhatsApp

    चंडीगढ़।  मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को छह और विभागों की चार वर्षीय रणनीतिक कार्य योजना 2019-23 और सालाना कार्य योजना 2019-20 को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही राज्य में ऐसी योजनाओं वाले विभागों की संख्या 24 हो गई है।
    आज की मीटिंग में जिन विभागों की इस योजनाओ को बेहतरीन कारगुजारी के मापदंड स्थापित करने संबंधी मंजूरी दी गई उनमें सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक, प्रशासकीय सुधार और सार्वजनिक शिकायत, बिजली, उच्च शिक्षा और भाषाएं, राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन और सूचना प्रौद्यौगिकी शामिल हैं।
    मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि चार वर्षीय रणनीतिक कार्य योजना और वार्षिक कार्य योजना के अनुसार सरकारी कर्मचारियों के लिए कारगुजारी के मापदंड लक्ष्य, उद्देश्य और नतीजों पर आधारित होंगे। चार वर्षीय रणनीतिक कार्य योजना में बताए गए कारगुजारी के मापदण्डों के अनुसार विभाग की नीतियाँ, प्रोग्राम और स्कीमों को लागू करने के लिए हर कर्मचारी जिम्मेदार होगा जिसकी निगरानी ऑनलाइन एस.डी.जी. व्यवस्था के द्वारा की जायेगी। लक्ष्यों के आधार पर विभागों की कारगुजारी कर्मचारियों की वार्षिक कारगुजारी अप्रेजल रिपोर्टों में दर्ज की जायेगी।
    राज्य सरकार द्वारा सतत विकास लक्ष्य (एस.डी.जी.) तय किये गए हैं जिससे इनको पूरा करने के लिए उपयुक्त योजनाबंदी और निगरानी की जा सके और बेहतर नतीजे हासिल हो सकें। अब तक 24 विभागों द्वारा चार वर्षीय रणनीतक कार्य योजना तैयार की गई है और कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई है। वार्षिक कार्य योजना 2021-22 के आवंटन और 2020-21 के लिए संशोधित अनुमान भेजने का फैसला प्रशासनिक विभागों द्वारा चार वर्षीय रणनीतक कार्य योजना 2019-23 के आधार पर किया जायेगा।
    यह प्रमुख मापदंड संयुक्त राष्ट्र के 2030 विकास एजंडे के अनुसार हैं और इसके अलावा 169 लक्ष्यों और 306 सूचकों जिनमें मिलेनियम विकास लक्ष्यों (एम.डी.जी.) के सामाजिक, आर्थिक और वातावरण सम्बन्धी पक्षों को व्यापक स्तर पर कवर किया जायेगा।
    हालाँकि एम.डी.जी. लक्ष्य जल्द प्राप्त किये जा सकते हैं क्योंकि एस.डी.जी. के लक्ष्य महत्तवकांक्षी हैं, इनका दायरा विस्तृत होता है और सभी हितधारकों के स्तर संगठित और साझे यत्नों की माँग करते हैं।
    प्रशासनिक विभागों को रणनीतक कार्य योजना बनाने के लिए विस्तार में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासनिक विभागों को विभाग के मंत्री की मंजूरी से चार वर्षीय रणनीतक कार्य योजना 2019-23 और वार्षिक कार्य योजना 2019-20 योजना विभाग के पास जमा करवानी जरूरी है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • माँ शूलिनी मेला परम्परागत रूप से किया जाएगा आयोजित – डॉ. शांडिल
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.