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    Home»हिमाचल प्रदेश»काऊ-सैंक्चुरी कोटला-बड़ोग को आदर्श गौ सदन के रूप में किया जाएगा विकसित -वीरेन्द्र कंवर
    हिमाचल प्रदेश

    काऊ-सैंक्चुरी कोटला-बड़ोग को आदर्श गौ सदन के रूप में किया जाएगा विकसित -वीरेन्द्र कंवर

    By Himachal VartaOctober 15, 2020
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    नाहन (हिमाचल वार्ता)। प्रदेश के सबसे बड़े गौ-अभ्यारण्य (काऊ-सैंक्चुरी) कोटला बड़ोग को एक आदर्श गौसदन के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए उपयुक्त वातावरण एवं सुविधा उपलब्ध हो सके। यह जानकारी ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने गत सांय यशवंत नगर के समीप कोटला बड़ोग में गौ-अभ्यारण्य का निरीक्षण के दौरान दी ।

     उन्होने कहा कि कोटला-बड़ोग में इस काऊ-सैंक्चुरी के लिए 109 बीघा भूमि उपलब्ध है और  यह स्थल काऊ-सैंक्चुरी के लिए सबसे  उपयुक्त है जहां पर गौवशं एक खुले वातावरण में विचरण कर सकते हैं। इस अभयारण्य स्थल में पांच सौ से अधिक पशुओं को रखने की क्षमता होगी। उन्होने कहा कि काऊ-सैंक्चुरी कोे चारों और से  तारबाड़ लगाकर कवर किया जाएगा ताकि इस गौ- अभ्यारण्य में रहने वाले पशु स्थानीय लोगों  की फसल को नुकसान न पहूंचा सके । इसके अतिरिक्त समूचे अभयारण्य क्षेत्र में जलवायु के आधार पर ऐसे पौधों का रोपण किया जाएगा जोकि पशुओं के चारा के लिए भी उपयोग हो सके । उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार गौवंश के संवर्धन और सरंक्षण के लिए प्रतिबद्ध है परंतु लोगों को भी गौवंश के प्रति सकारात्मक नजरिया अपनाकर सड़क पर बेसहारा छोड़ने की प्रवृति को छोड़ना होगा ।      वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि पशु पालन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में सभी मवेशियों को टेग लगा दिए गए हैं परंतु कुछ लोग पशुओं के कान से टैग निकालकर उन्हें सड़क पर भटकने को छोड़ देते हैं  और पशु लोगों की फसलों को नुकसान पहूंचा रहे हैं । जोकि उचित नहीं है ।  अनेकों बार सड़कों पर विचरने के दौरान पशु दुर्घटना का शिकार भी हो जाते हैं । उन्होने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौसदन में रखे मवेशियों के स्वास्थ्य की समय समय पर जांच की जाए तथा अस्वस्थ पशुओं का उपचार किया जाए ।
    इस मौके पर स्थानीय विघायक रीना कश्यप, हिप्र कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी, अशोक शर्मा, बलदेव कश्यप, उप निदेशक पशुपालन विभाग नीरू शबनम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे ।
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