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    Home»चण्डीगढ़»पंजाब के मुख्यमंत्री ने मालगाड़ियों को चलने देने के लिए केंद्रीय रेलवे मंत्री का निजी दख़ल माँगा
    चण्डीगढ़

    पंजाब के मुख्यमंत्री ने मालगाड़ियों को चलने देने के लिए केंद्रीय रेलवे मंत्री का निजी दख़ल माँगा

    By Himachal VartaOctober 27, 2020
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    किसान संगठनों द्वारा मालगाड़ीयों को न रोकने के फ़ैसले के बाद भी गाड़ीयों पर पाबंदी की सूरत में किसानों के उत्तेजक होने की दी चेतावनी

    चंडीगढ़ (हिमाचलवार्ता)। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मालगाड़ीयों की यातायात की तुरंत बहाली के लिए केंद्रीय रेलवे मंत्री पीयूष गोयल का निजी दख़ल माँगा है। किसानों द्वारा रेल रोकने के फ़ैसले को आंशिक रूप में वापस लेने के बावजूद यह यातायात राज्य भर में बंद पड़ा है।

    रेलवे द्वारा मालगाड़ीयों पर मूलभूत दौर में दो दिनों (24 और 25 अक्तूबर) के लिए पाबंदी के बाद इस को चार और दिनों के लिए बढ़ाने के फ़ैसले के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री के साथ बातचीत भी की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे द्वारा पंजाब में मालगाड़ीयों को न चलाने का फ़ैसला राज्य सरकार द्वारा किसानों के साथ बातचीत करने की कोशिशों के स्वरूप अब तक हासिल की गई सफलता को घटा सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि रेलवे का यह फ़ैसला केंद्रीय कृषि कानूनों के खि़लाफ़ संघर्ष कर रहे किसानों को और उत्तेजक कर सकता है।

    रेलवे द्वारा मालगाड़ीयों की बहाली न करने के गंभीर प्रभावों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने पीयूष गोयल को पत्र लिखकर तुरंत मालगाड़ीयाँ न बहाल करने की सूरत में गंभीर चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा ‘‘न सिफऱ् पंजाब को आर्थिक गतिविधियों और ज़रूरी वस्तुओं की कमी के साथ जूझना पड़ेगा, बल्कि केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू और कश्मीर, लेह एवं लद्दाख़ को भी गहरे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।’’ उन्होंने केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों समेत विभिन्न हिस्सों द्वारा राज्य सरकार को की गई विनतियों का हवाला दिया जिसमें पंजाब में मालगाड़ीयों की यातायात तुरंत बहाल करने की माँग की गई है।

    कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने श्री गोयल को लिखे अर्ध सरकारी पत्र में बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसान संगठनों से बातचीत की पहले से निरंतर की जा रही कोशिशों के स्वरूप उनके पास से 22 अक्टूबर से आंशिक रेल सेवाएं बहाल करवाने की सफलता हासिल की थी। 23 अक्टूबर को मालगाड़ीयों की बहाली के बाद रेलवे ने एकतरफा फ़ैसला करते हुए पंजाब में सभी मालगाड़ीयों की यातायात रोक दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मालगाड़ीयाँ तो लॉकडाउन के समय के दौरान भी निर्विघ्न चलती रही थीं, जब कि उस समय के दौरान यात्री रेल गाड़ीयाँ मुकम्मल तौर पर बंद थीं। उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब में मालगाड़ीयाँ रोकने का अब कोई ठोस कारण नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुज़ाहराकारी किसानों के पास से यात्री गाड़ीयों को भी बहाल करवाने के लिए निरंतर कोशिशें कर रही है।

    बाद में मुख्यमंत्री के निर्देशों पर मुख्य सचिव विनी महाजन ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के साथ बातचीत की। मुख्यमंत्री ने ‘रेल रोको’ ख़त्म करने और यात्री रेलों को भी बहाल करने के लिए बातचीत के लिए तीन मंत्रियों की समिति बनाई है। हालाँकि जहाँ तक मालगाड़ीयाँ का सम्बन्ध है, आज की तारीख़ तक मालगाड़ीयों की कोई भी मुख्य लाईन नहीं रोकी गई और सिफऱ् एक लाईन रोकी गई है जो प्राईवेट थर्मल प्लांट तलवंडी साबो को जाती है। उन्होंने कहा कि अब इस बात की कोई प्रामाणिकता नहीं बनती कि पंजाब में रेलवे द्वारा मालगाड़ीयों को बंद किया जाए जब कि राज्य को कोयला, युरिया आदि समेत ज़रूरी वस्तुओं की सप्लाई की ज़रूरत है। ज़रूरी वस्तुओं की सप्लाई के अलावा राज्य को और अनाज रखने के लिए गोदामों में से अनाज के भंडार उठवाने की बहुत ज़रूरत है।

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