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    Home»चण्डीगढ़»पंजाब में पराली जलाने के रूझान में आई गिरावट
    चण्डीगढ़

    पंजाब में पराली जलाने के रूझान में आई गिरावट

    By Himachal VartaNovember 1, 2020
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    धान की आमद 33 प्रतिशत ज़्यादा परन्तु पराली जलाने का रुझान 5 प्रतिशत कम-मुख्य सचिव

    पंजाब में ज़्यादा टेस्टिंग के निष्कर्ष के तौर पर कोरोना के मामलों में भी आई गिरावट

    चंडीगढ़ (हिमाचलवार्ता)। पंजाब में इस साल पराली जलाने के रूझान में गिरावट दर्ज की गई है। यहाँ राज्य के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, समूह डिप्टी कमिश्नरों और एस.एस.पीज़ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा मुख्य सचिव विनी महाजन ने इस बात पर संतुष्टि प्रकट की कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा उठाए गए सार्थक कदमों के स्वरूप पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में 5 प्रतिशत से भी ज़्यादा की कमी आई है। उन्होंने कहा कि इस दर में और ज़्यादा कमी लाने के लिए कोशिशें और तेज़ की जानी चाहीए।

    पंजाब में अब तक 137.89 लाख टन धान की आमद हो चुकी ह,ै जोकि पिछले साल की अपेक्षा 33 प्रतिशत ज़्यादा है। पराली जलाने की समस्या बाबत सभी डिप्टी कमिश्नरों और एसएसपीज़ को हिदायतें जारी करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जि़ला अधिकारी इस मसले को और गंभीरता से लें, हालाँकि पिछले साल के मुकाबले अब तक पराली जलाने की घटनाएँ कम दर्ज की गई हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस साल एक दिन में ही पराली जलाने के 336 मामले कम सामने आए हैं, जबकि धान की आमद 33 प्रतिशत ज़्यादा है। इस साल 7.49 लाख हेक्टेयर ज़मीन की पराली जलाई गई है, जोकि पिछले साल 7.90 लाख हेक्टेयर था। इस साल यह दर पिछले साल की अपेक्षा 5.23 प्रतिशत कम है।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास अनिरुद्ध तिवाड़ी ने मुख्य सचिव को बताया कि पिछले साल 30 अक्टूबर को पराली जलाने के 3135 मामले सामने आए थे, जोकि इस साल 2799 हैं। बठिंडा जि़ले में पिछले साल के 343 मामलों के मुकाबलेे इस साल 202 मामले सामने आए हैं। इसी तरह फिऱोज़पुर में पिछले साल के 328 मामलों के मुकाबले इस साल 290 और मानसा में 285 की जगह 151 मामले दर्ज किए गए हैं। बाकी जिलों में भी यह कमी दर्ज की गई है। मुख्य सचिव ने धान की खऱीद, लिफ्टिंग और अदायगी संबंधी भी जानकारी हासिल की और उनको बताया गया कि अब तक कुल 22753.44 करोड़ रुपए में से 22506.10 करोड़ की अदायगी हो चुकी है और ज़्यादातर धान की फ़सल उठा ली गई है।

    इसके साथ ही राज्य में कोविड-19 की स्थिति संबंधी समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने आरटी-पीसीआर टेस्टिंग तेज़ करने की हिदायतें जारी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में राज्य में कोरोना के मामलों में कमी आई है और यह सिफऱ् ज़्यादा टैस्टों का ही नतीजा है। उन्होंने कहा कि भीड़ वाले स्थानों और दफ्तरों में टैस्ट ज़्यादा किए जाएँ। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी सरकारी दफ़्तर अब 100 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम कर रहे हैं, इसलिए आरटी-पीसीआर टैस्टों में भी वृद्धि की जानी चाहिए। मुख्य सचिव ने डेंगू से निपटने के लिए भी जि़ला अधिकारियों को हिदायतें जारी की।

    आगामी दिनों में त्योहारों के मद्देनजऱ मुख्य सचिव ने पटाख़ों की बिक्री की तरफ ख़ास ध्यान देने की भी हिदायतें जारी की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखकर सारी प्रक्रिया को पूरा किया जाए और विदेशी पटाख़ों की बिक्री पर ख़ास नजऱ रखी जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार ही पटाख़ों की बिक्री के लिए लायसेंस जारी किए जाएँ।

    मीटिंग में सभी डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरज़ और एस.एस.पीज़ के अलावा डीजीपी दिनकर गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास अनिरुद्ध तिवाड़ी, प्रमुख सचिव उद्योग एवं वाणिज्य आलोक शेखर, प्रमुख सचिव वित्त के.ए.पी. सिन्हा, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान डी.के. तिवाड़ी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण हुसन लाल और डॉ. के.के. तलवार आदि उपस्थित थे।

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