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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»हिमाचल सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 से अब तक सिरमौर के 5807 युवाओं के कौशल उन्नयन पर 1,95,48,000 रुपए किए व्यय
    सिरमौर

    हिमाचल सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 से अब तक सिरमौर के 5807 युवाओं के कौशल उन्नयन पर 1,95,48,000 रुपए किए व्यय

    By Himachal VartaJuly 11, 2021
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    नाहन (हिमाचलवार्ता)। सिरमौर में वित्त वर्ष 2020-21 व 2021-22 में अब तक कौशल विकास भत्ता योजना व औद्योगिक कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत 1 करोड़ 95 लाख 48 हजार रुपए वितरित किए गए हैं। हिमाचल सरकार ने इन दोनो योजनाओं के अंतर्गत सिरमौर के 5807 युवा लाभार्थियों के कौशल उन्नयन के लिए यह राशि व्यय की है।

    उपायुक्त सिरमौर राम कुमार गौतम बताते हैं कि जिला सिरमौर में वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान हिमाचल सरकार ने कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत सिरमौर के 3650 युवाओं के कौशल विकास में 1 करोड़ 53 लाख 83 हजार की राशि व्यय की है और वित्त वर्ष 2020-21 के अंतर्गत जिला के 1539 युवा लाभार्थियों को 17 लाख 95 हजार रुपए वितरित किए हैं।

    बेरोजगारी भत्ता यानि कौशल विकास भत्ता योजना – यह एक प्रकार की आर्थिक सहायता है जोकि हिमाचल सरकार द्वारा बेरोजगार युवक और युवतियों के लिए शुरू की गई है। इस विकास भत्ते के शुरू करने का उद्देश्य राज्य के बेरोजगार युवक और युवतियों को अपना खुद का व्यवसाय खोलने के योग्य बनाना है ताकि वह अपने स्वरोजगार के जरिये एक अच्छी आय प्राप्त कर सके।

    इसी प्रकार औद्योगिक कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 467 युवा लाभार्थियों को 20 लाख 49 हजार की राशि वितरित कि गई और वित्त वर्ष 2021-22 में अब तक 151 युवा लाभार्थियों को 3 लाख 21 हजार की राशि वितरित की गई है।

    औद्योगिक कौशल विकास भत्ता योजना का लक्ष्य युवाओं का कौशल विकास करना है। यानि उद्योगों में जिस तरह के प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत रहती है, उनको उस तरह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उद्योगों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग को भी पूरा किया जा सकेगा।

    युवाओं के प्रशिक्षण से प्रदेश के बाहर से प्रशिक्षित युवाओं को लाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। नए नियमों के अनुसार 1 अप्रैल, 2018 से औद्योगिक इकाइयों में 80 फीसदी रोजगार हिमाचल के स्थायी निवासियों को देना अनिवार्य किया गया है।

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