यह ऐतिहासिक मेला हर साल भैया दूज के दिन से आरंभ होता है और दो दिनों तक चलता है मेले का शुभारंभ सिद्ध नाथ गुरु इतवार नाथ की पारंपरिक पूजा व गिरी नदी के किनारे बनी गुरु इतवार नाथ की समाधि स्थल के लिए शोभायात्रा से होता है
यह शोभा यात्रा पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ मठ से लेकर समाधि स्थल तक निकाली जाती है उसके बाद मठ मे विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है हजारों की संख्या में भक्त यहां प्रसाद ग्रहण करते है
राजगढ़ क्षेत्र के साथ साथ यह मठ शिमला जिले के बलसन क्षेत्र के लोगों की भी आस्था का केंद्र है और काफी संख्या मे लोग बलसन क्षेत्र से यहां आते है और गुरु इतवार नाथ का आर्शीवाद ग्रहण करते है
इसके साथ साथ यह 7 व 8 नवंबर को कबड्डी वालीबाल खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा जिसका शुभारंभ जिला परिषद सदस्य सतीश ठाकुर करेगे।
मेला कमेटी के मुख्य सलाहकार विजय भारद्वाज के अनुसार गुरु इतवार नाथ मठ लगभग आठ सौ साल पुराना है और मेले का इतिहास भी लगभग इतना ही पुराना रहा है।