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    Home»हिमाचल प्रदेश»राजगढ़ क्षेत्र में स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योग स्थापित करे सरकार : डॉ. कुलदीप तंवर
    हिमाचल प्रदेश

    राजगढ़ क्षेत्र में स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योग स्थापित करे सरकार : डॉ. कुलदीप तंवर

    By Himachal VartaDecember 20, 2021
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    लहसुन, टमाटर, अदरक और मक्की की है मुख्य फसल

    नाहन (हिमाचलवार्ता)। राजगढ़ ब्लॉक में तीन प्रमुख फसलों टमाटर, लसुहन और अदरक की सर्वाधिक पैदावार होती है परंतु सरकार द्वारा सिरमौर के किसानों के हितों के लिए आजतक कोई कारगर पग नहीं उठाए गए हैं। जबकि सिरमौर में इन तीन फसलों पर आधारित प्रोसेंसिंग प्लांट और सीए स्टोर की बहुत आवश्यकता है जिस बारे सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए ।

    यह बात हिमाचल प्रदेश किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर ने रविवार को पबियाना में आयोजित किसान सभा के खंड स्तरीय अधिवेशन में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए दी। डॉ. तंवर ने बताया कि इस बार किसानों का लहसुन न्यूनतम 35 रुपये और टमाटर की क्रेट 90 रू बिकी । जिससे किसानों को लागत भी नहीं मिल पाई है ।

    उचित दाम न मिलने की स्थिति में किसानों की स्थिति इस वर्ष काफी दयनीय है । उन्होने खेद प्रकट करते हुए कहा कि कृषि और बागवानी विभाग में प्रसार अधिकारियों के पद रिक्त होने से किसानों को तकनीकी जानकारी नहीं मिल पा रही है । किसानों द्वारा कीटनाश्क व फंफूदनाशक की दुकानों से संचालक की सलाह पर दवाईयां खरीदी जा रही है जिससे मिटटी की उपजाऊ क्षमता खत्म हो रही है ।

    यही नहीं फील्ड में मिटटी की जांच का कार्य भी बीते कई वर्षों से ठप्प पड़ा है । जिस बारे सरकार के साथ मुद्दा उठाया जाएगा। उन्होने बताया कि केरल की सरकार ने 16 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है।

    हिमाचल प्रदेश सरकार को भी केरल राज्य के अध्ययन करने के लिए अधिकारियों को टीम को भेजना चाहिए और केरल राज्य की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में उत्पादित होने वाली फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर्गत लाना चाहिए ताकि किसानों की आर्थिकी में सुधार हो सके।

    डॉ. तंवर ने जानकारी दी कि हिमाचल में 20 लाख मिट्रिक टन सब्जियों, 16 लाख मिट्रिक टन अनाज और 10 लाख मिट्रिक टन फलोत्पादन होता है। सबसे अहम बात यह है कि किसानों को अपने उत्पादों को बेचने के लिए बहुत परेशानी पेश आ रही है और न्यूनतम समर्थन मूल्य न होने पर कई बार औने-पौने दाम पर उत्पाद बेचने को मजबूर होना पड़ता है।

    उन्होने इस मौके पर पांच सदस्यीय कोर कमेटी का गठन किया गया जिनके द्वारा आगामी फरवरी माह तक किसान सभा में राजगढ़ ब्लॉक से दो हजार किसानों की सदस्यता शामिल की जाएगी । कोर कमेटी में नयन सिंह, धर्मदास , अमर दत, प्रताप सिंह, बलदेव सिंह को शामिल किया गया है ।

    उन्होने बताया कि सिरमौर जिला से सात हजार किसानों को सभा में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में किसान सभा के पदाधिकारी रमेश वर्मा, सुरेश पुंडीर, जय शिव सिंह ठाकुर,राजेंद्र ठाकुर व आशीष कुमार सहित स्थानीय लोगों ने भाग लिया ।

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