Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    • 100 बिस्तरों वाले हरोली अस्पताल के विस्तार को रफ्तार, अतिरिक्त भवन के लिए 8.42 करोड़ मंजूर*
    • शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।
    • द्राबिल में विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • 129 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू 11 व 12 जून को
    • कैम्पस इंटरव्यू
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, June 7
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»नाहन में जिला स्तरीय संस्कृत सप्ताह का हुआ आयोजन, जिला भाषा अधिकारी ने कहा संस्कृत जैसी समृद्ध भाषा के संरक्षण के लिए मिलकर करना होगा प्रयास
    सिरमौर

    नाहन में जिला स्तरीय संस्कृत सप्ताह का हुआ आयोजन, जिला भाषा अधिकारी ने कहा संस्कृत जैसी समृद्ध भाषा के संरक्षण के लिए मिलकर करना होगा प्रयास

    By Himachal VartaAugust 10, 2022
    Facebook WhatsApp

    नाहन ( हिमाचलवार्ता न्यूज़)भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला सिरमौर द्वारा नाहन के गोरक्षकनाथ संस्कृत महाविद्यालय में कॉलेज में जिला स्तरीय  संस्कृत सप्ताह मनाया गया। संस्कृत सप्ताह के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग किया। जिसमें श्लोक पाठ प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता, संस्कृत में कविता, एकल गीत प्रतियोगिता व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सन्नी कुमार ने दीप प्रज्वलन व वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ  किया गया।

    जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया और  कार्यक्रम में आए अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि संस्कृत सप्ताह की शुरुआत सन 1969 को पहली बार किया गया था भारत सरकार की शिक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय तथा राज्य स्तर पर इसे मनाने के निर्देश तब जारी किए थे ।
    उन्होंने बताया कि संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृत का अभिन्न अंग है इस भाषा को देववाणी के सम्मान प्रतिष्ठित माना गया है। करण प्रिय ध्वनि तथा वैभवशाली शब्दों का समागम संस्कृत भाषा को भारत में ही नहीं अपितु विश्व भर में इसे आदरणीय बनाता है। कुछ विदेशी भाषा विद भी मानते हैं कि संस्कृत भाषा ग्रीक लैटिन जैसे भाषाओं से भी प्राचीन है संस्कृति में संस्कृत के प्रबल प्रभाव को दर्शाने के लिए श्रावणी पूर्णिमा का दिन चुना गया है। उन्होंने बताया कि संस्कृत जैसी समृद्ध भाषा के संरक्षण के लिए हम सब को मिलकर प्रयास करना होगा।
    इस अवसर पर  स्कूली विद्यार्थियों की श्लोकोचरण प्रतियोगिता, एकल गीत प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता व निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। एकल गीत गायन में एवीएन स्कूल नाहन की यंशिका ने प्रथम, रा.व.मा. विद्यालय बोंगली खेच की आरती ने द्वितीय, रा.व.मा.विद्यालय द्राबिल की श्रुति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में एवीएन स्कूल नाहन प्रथम, रा.व.मा.विद्यालय द्राबिल ने द्वितीय, हिल व्यू पब्लिक स्कूल तथा रा.व.मा. विद्यालय बोंगली खेच ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया।
    श्लोकोचारण में रा.व.मा. विद्यालय द्राबिल की श्रुति ने प्रथम, पारंगत स्कूल नाहन की कशिश ने द्वितीय, हिल व्यू पब्लिक स्कूल माजरा की प्रीति ने तृतीय स्थान हासिल किया। निबंध लेखन में ए वी एन स्कूल नाहन के स्वास्तिक शर्मा प्रथम, रा. व. मा.पाठशाला बनकला की प्रीतिका द्वितीय, राजकीय उच्च पाठशाला धरोटी के सुजल तोमर ने तृतीय स्थान हासिल किया।
    महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सन्नी कुमार ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। तथा प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान पर आए प्रतिभागियों को भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला 700, 600 व 500 की राशि पुरस्कार के रूप में प्रदान की गई। कवि लायक राम शास्त्री ने संस्कृत  में कविता पढ़ी।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    • 100 बिस्तरों वाले हरोली अस्पताल के विस्तार को रफ्तार, अतिरिक्त भवन के लिए 8.42 करोड़ मंजूर*
    • शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।
    • द्राबिल में विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • 129 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू 11 व 12 जून को
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.