Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    • 100 बिस्तरों वाले हरोली अस्पताल के विस्तार को रफ्तार, अतिरिक्त भवन के लिए 8.42 करोड़ मंजूर*
    • शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।
    • द्राबिल में विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • 129 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू 11 व 12 जून को
    • कैम्पस इंटरव्यू
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, June 7
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा मिलने से पहले ही विरोध, सड़कों पर उतरे हज़ारों लोग
    सिरमौर

    हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा मिलने से पहले ही विरोध, सड़कों पर उतरे हज़ारों लोग

    By Himachal VartaAugust 23, 2022
    Facebook WhatsApp

    नाहन  (हिमाचल वार्ता न्यूज):- सिरमौर जिला के गिरीपार इलाके के हाटी समुदाय को अभी जनजातीय दर्जा मिला भी नहीं और हज़ारो लोगों ने इसका अभी से विरोध करना शुरु कर दिया। अनुसूचित जाति के लोगों ने हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। इनका कहना है कि अगर हाटी समुदाय को जनजीताय दर्जा मिला तो अनुसूचित जाति पर हो रहे अत्याचार को और बढ़ावा मिलेगा व ग्राम पंचायत से संबंधित निकायों में अनुसूचित जाति आधारित आरक्षण बिल्कुल समाप्त हो जाएगा।

    इसी के विरोध में अनुसूचित जाति के लोगों ने हज़ारों की तादाद में संगड़ाह में महा रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने मांग की है कि हाटी समुदाय को जनजीताय दर्जा न दिया जाए। इस दौरान अनुसूचित जाति अधिकार संरक्षण समिति का जनसैलाब संगड़ाह बस स्टैंड से होते हुए मिनी सचिवालय पहुंचा। यहां पर समिति ने एसडीएम डॉ. विक्रम नेगी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा और मांग की कि गिरीपार को जनजातीय क्षेत्र घोषित ना किया जाए।

    लोगों ने कहा कि हाटी समुदाय को एससी/एसटी का दर्जा मिलने से क़ानून निष्क्रिय होने और जातीय प्रताड़ना का डर बढ़ेगा। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय हाटी समिति गिरीपार इलाके को जनजातीय दर्जा दिए जाने को लेकर प्रदर्शन करती आई है। केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिए जाने बारे आश्वासन भी दिया जा चुका है। इसके अलावा बीते शनिवार को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नाहन में हाटी समुदाय की मांग को लेकर भरोसा दिया था।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    • 100 बिस्तरों वाले हरोली अस्पताल के विस्तार को रफ्तार, अतिरिक्त भवन के लिए 8.42 करोड़ मंजूर*
    • शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।
    • द्राबिल में विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • 129 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू 11 व 12 जून को
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.