नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज)(लक्ष्य शर्मा):-आज सिविल अस्पताल पावंटा साहिब में हिमाचल प्रदेश चिकित्सक अधिकारी संघ ने प्रदेश सरकार को ज्ञापन दिया, वहीं चिकित्सिकों ने अस्पताल परिसर में पेन डाउन हड़ताल की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में डॉक्टर पीयूष तिवारी ने कहा कि उनकी सरकार से मांगे हैं और उनकी मांगों को पूरा किया जाये अन्यथा सरकार इसका खामियाजा भुगतने को तैयार रहे।
इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी की कैबिनेट की बैठक में उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा, लेकिन इस बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में डॉक्टर दो दिवसीय पेन डाउन स्ट्राइक पर है। हिमाचल प्रदेश चिकित्सक अधिकारी संघ के आह्वान पर चिकित्सा अधिकारियों ने सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में 7 अक्टूबर को प्रात: 9.30 से 11:00 बजे तक पेन डाउन हड़ताल की। हिमाचल प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ का कहना है कि स्वास्थ्य निदेशक की सेवानिवृत्ति के बाद स्वास्थ्य निदेशक का पद अभी तक नहीं भरा गया है।
उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य निदेशक के पद को संयुक्त निदेशकों में से किसी एक को पदोन्नत करके शीघ्र भरा जाए। हिमाचल प्रदेश विकास किसी के सेवा विस्तार के विरोध में रहा है। प्रदेश में पहले से ही अधिक बेरोजगार युवा चिकित्सक मौजूद है। किसी भी चिकित्सकको सेवा विस्तार देना युवा चिकित्सकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। जिन जिन चिकित्सा अधिकारियों को विस्तार दिया गया है उन्हें ही सेवानिवृत किया जाए। अनुबंध पर चयनित को 150 मानदेय कुछ चिकित्सकों को नहीं दिया गया है इसी एरियर के साथ बहाल किया जाए।
फरवरी माह में भी प्रदेश संयुक्त संघर्ष कमेटी के आह्वान पर संघर्ष का रास्ता अपनाया था, लेकिन अब तक चिकित्सकों की मांगों को नहीं माना गया है। हिमाचल प्रदेश चिकित्सक अधिकारी संघ की मांग है कि नये वेतन आयोग में चिकित्सकों का 4-9-14 का टाइम स्केल रोक दिया गया है इसे शीघ्र बहाल किया जाए। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की स्नातकोत्तर भत्ते की देय राशि कई वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है इससे भी शीघ्र वृद्धि की जाए। मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं दे रहे फैकल्टी मेंबर्स को एकेडमिक एलाउज अभी तक नहीं दिया गया है. इसकी देय राशि शीघ्र ही तय की जाए।
डॉक्टर पीयूष ने जानकारी देते हुए बताया है कि चिकित्सकों की इन्हीं मांगों को लेकर कल से प्रदेश भर में सभी चिकित्सक काले बिल्ले लगाकर सेवायें देकर सरकार के प्रति रोष जता रहे हैँ। जानकारी देते हुए डॉक्टर पीयूष तिवारी ने बताया कि सरकार लगातार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है यदि जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो वे लोग कोई ठोस कदम उठायेंगे। हालांकि उनकी इस स्ट्राइक से आम जनता और मरीजों को उनकी इस हड़ताल से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा और उन्हें मरीजों और तीमारदारों से सहानुभूति है।
लेकिन जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है वे प्रयासरत रहेंगे। इस दो दिवसीय स्ट्राइक में मुख्य रूप से डॉ. अमिताभ जैन , एसएमओ इंचार्ज डॉ. सुधी गुप्ता , डॉ. चंद्र मल्होत्रा ,डॉ. एवी राघव , डॉ. संजीव गुप्ता , डॉ. कमाल पाशा , डॉ. तपेंदर , डॉ. राजीव चौहान , डॉ. मीनाक्षी , डॉ. पीयूष तिवारी , डॉ. तुषार , डॉ, मोनिशा , डॉ. रिचा उपाध्याय, डॉक्टर अंकुश सूद , डॉ. प्रियंका , डॉ. एएस , डॉ. सरिता नेगी , डॉ. अंकुर धीमान , डॉ. स्पर्श सैनी , डॉ. श्रेया , डॉ संचिता , डॉ. सान्या आदि शामिल रहे।
