Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • सिरमौर में भारी बारिश के कारण नैहली के पास नाहन-ददाहू मार्ग पूरी तरह बंद
    • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: अंधकार में आशा और कर्म का संदेश
    • सांसद अनुराग ठाकुर ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की, अधिकारियों को तय लक्ष्य के साथ काम करने के निर्देश
    • उचित मूल्य की दुकानों तक आवश्यक वस्तुओं के परिवहन एवं मजदूरी कार्य हेतु निविदाएं आमंत्रित
    • मशीन ऑपरेटर के 100 पदों के लिए उप रोजगार कार्यालय रामपुर में 8 सितंबर को होगा कैंपस इंटरव्यू का आयोजन
    • आरसेटी में आरंभ हुआ 35 दिवसीय ब्यूटीशियन कोर्स
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Thursday, September 3
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»नाहन में दीन दयाल वर्मा के गुरू दक्षिणा नाटक के अंग्रजी संस्करण का विमोचन
    सिरमौर

    नाहन में दीन दयाल वर्मा के गुरू दक्षिणा नाटक के अंग्रजी संस्करण का विमोचन

    By Himachal VartaNovember 28, 2022
    Facebook WhatsApp
     

    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (रेणु ब्यास):-प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार एवं नाहन निवासी दीन दयाल वर्मा द्वारा रचित काव्य नाटक गुरू दक्षिणा के अंग्रेजी संस्करण का लोकार्पण समारोह रविवार को नाहन में हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार दीप चंद कौशल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने लेखक दीन दयाल वर्मा द्वारा रचित और गोल्ड मेडलिस्ट प्रो. डा. राजन कौशल द्वारा अनुवादित गुरू दक्षिणा का लोकार्पण कर उसकी पहली प्रति लेखक को भेंट की।बता दें कि काव्य नाटक गुरू दक्षिणा का पहला हिंदी संस्करण 1976 में प्रकाशित हुआ था। इसके बाद इस काव्य नाटक के हिंदी के आठ संस्करण निकल चुके हैं। नौवां संस्करण अंग्रेजी में प्रकाशित किया गया। इस काव्य नाटक की प्रशंसा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी कर चुके हैं। उनके द्वारा एक प्रशस्ति पत्र भी लेखक को दिया गया है। तत्कालीन राष्ट्रपति व पूर्व रक्षा मंत्री बाबू जगजीवन राम भी इस नाटक की सराहना कर चुके हैं। दीन दयाल वर्मा द्वारा रचित काव्य नाटिका गुरू दक्षिणा एक कालजयी रचना है।जो पाठकों को 1976 से प्रभावित व आकर्षित कर रही है। यह नाटक गुरू द्रोणाचार्य के स्वयंभू शिष्य भील बालक एकलव्य की कथा पर आधारित है। यह नाटक नस्लवादी जातिवादी भेदभाव का एक वीभत्स उदाहरण है। इसमें एकलव्य से उसका अंगूठा इसलिए ले लिया गया कि कहीं वह राजपुत्र अर्जुन से भी निपुण धर्नुधर न जाए। लेखक ने काव्यात्मक तरीके से एकलव्य की कथा का वर्णन किया है। नाहन कॉलेज में प्रो. डा. राजन कौशल द्वारा अंग्रेजी में अनुवादित यह संस्करण 1976 से 2021 तक हिंदी में प्रकाशित होने के पश्चात अंग्रेजी में प्रकोशित नौवां संस्करण है।यह नाटक आकाशवाणी से भी अनेकबार प्रकाशित हो चुका है। प्रदेश सरकार की ओर से पुरस्तकालयों के लिए भी स्वीकृत है। केंद्रीय हिंदी निदेशालय नई दिल्ली और प्रदेश कला एवं साहित्य अकादमी द्वारा भी इसकी थोक खरीद की गई है। नाटक का वर्तमान अंग्रेजी संस्करण तनीशा प्रकाशन एवं प्राची डिजिटल पब्लिकेशल द्वारा किया है। यह पुस्तक अमेजन फिलिप कार्ट एवं लेखक के पास उपलब्ध है। लोकार्पण समारोह के दौरान चिरआनंद, भुवन जोशी, शबनम शर्मा, प्रभात कुमार, पंकज तन्हा, जावेद उल्फत, धनवीर सहित दर्जनों साहित्यकार मौजूद रहे।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • सिरमौर में भारी बारिश के कारण नैहली के पास नाहन-ददाहू मार्ग पूरी तरह बंद
    • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: अंधकार में आशा और कर्म का संदेश
    • सांसद अनुराग ठाकुर ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की, अधिकारियों को तय लक्ष्य के साथ काम करने के निर्देश
    • उचित मूल्य की दुकानों तक आवश्यक वस्तुओं के परिवहन एवं मजदूरी कार्य हेतु निविदाएं आमंत्रित
    • मशीन ऑपरेटर के 100 पदों के लिए उप रोजगार कार्यालय रामपुर में 8 सितंबर को होगा कैंपस इंटरव्यू का आयोजन
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.