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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»मंत्री के कार्यक्रम को जिस भी कर्मचारी ने धनराशि नहीं दी तो करवा दी ट्रांसफर, कर्मचारी परेशान
    सिरमौर

    मंत्री के कार्यक्रम को जिस भी कर्मचारी ने धनराशि नहीं दी तो करवा दी ट्रांसफर, कर्मचारी परेशान

    By Himachal VartaApril 1, 2023
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    नाहन( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ) :– हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने हुए करीब चार महीने हो गए हैं। चार महीनों बाद भले ही विकास का कोई बड़ा,  कार्य धरातल पर नजर नहीं आया लेकिन तबादला उद्योग खूब फल फूल रहा है। यदि जिला सिरमौर के शिलाई निर्वाचन क्षेत्र की बात करते हैं तो शिलाई निर्वाचन क्षेत्र में 15 दिनों के भीतर करीब छह दर्जन से अधिक कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। कई स्थानों पर तो यह भी सुनने में आया है कि कांग्रेस पार्टी द्वारा गत दिनों स्थानीय विधायक और उद्योग मंत्री के स्वागत कार्यक्रम रखे गए थे , गांवों में आयोजित स्वागत कार्यक्रमों के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आपस में पैसा एकत्रित किया गया था। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा समर्थित कर्मचारियों से भी कंट्रीब्यूशन की मांग की , लेकिन कुछ कर्मचारियों ने कंट्रीब्यूशन देने से मना कर दिया। जिसके चलते उनकी ट्रांसफर करवाई गई। जबकि अन्य कर्मचारियों की लिस्ट भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा तैयार की जा चुकी है। सूत्र बताते हैं कि स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्त रखी है कि या तो मंत्री महोदय के कार्यक्रम के लिए कंट्रीब्यूशन दो अन्यथा उनकी ट्रांसफर करवाई जाएगी। जानकारी के मुताबिक पिछले 15 दिनों में शिक्षा विभाग में ही तीन दर्जन करीब शिक्षकों और गैर शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग , स्वास्थ्य विभाग , विद्युत बोर्ड और पशुपालन विभाग के कर्मचारियों के भी तबादले करवाए जा रहे हैं। बताते हैं कि यह सभी तबादले राजनीति से प्रेरित है। जानकारी के मुताबिक स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा समर्थित कर्मचारियों के परिवारों के समक्ष शर्त रखी है कि या तो वह कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ले अन्यथा उनके तबादले किए जाएंगे। मजेदार बात तो यह है कि शिलाई निर्वाचन क्षेत्र हार्ड एरिया में आता है जिसके चलते जब तक कोई रिलीवर नहीं आता है तब तक उक्त कर्मचारी को रिलीव नहीं किया जा सकता है। बावजूद इसके भी संबंधित संस्थान के मुखिया पर दबाव डाला जा रहा है कि वह बिना रिलीवर के ही उक्त कर्मचारी को रिलीव कर दें। भले ही कुछ कर्मचारियों ने कोर्ट से स्टे लिया है। बावजूद इसके भी कुछ समय बाद उनकी ट्रांसफर होनी तय है। बताते हैं कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा बाकायदा पंचायत स्तर पर भाजपा समर्थित कर्मचारियों की लिस्ट तैयार कर स्थानीय विधायक एवं उद्योग मंत्री को सौंपी जा रही है। उसके बाद ही तबादलों को अमलीजामा पहनाया जायेगा। शिलाई निर्वाचन क्षेत्र में यदि ग्राम पंचायत रास्त की बात करें तो ग्राम पंचायत रास्त से ही करीब आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों की ट्रांसफर की गई है। इसी तरह ग्राम पंचायत नाया , ग्राम पंचायत शिलाई, ग्राम पंचायत नैनीताल, द्राबिल, शंखोली और अन्य ग्राम पंचायतों से भी कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। मजेदार बात तो यह है कि जब प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सत्तासीन थी उस दौरान उद्योग मंत्री द्वारा अक्सर मंच से कहा जाता था कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा कर्मचारियों की ट्रांसफर करवाई जा रही है और संबंधित संस्थान खाली हो रहे हैं, लेकिन हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बने अभी चार महीने भी नहीं हुए हैं कांग्रेस नेताओं द्वारा तबादलों का दौर शुरू कर दिया है। हैरत की बात तो यह है कि जितनी भी ट्रांसफर की गई है उनके स्थान पर अभी तक एक भी कर्मचारी ने संबंधित संस्थान में ज्वाइन नहीं किया। यदि तबादलों की बात करते हैं अभी तक केवल शिलाई निर्वाचन क्षेत्र में ही कर्मचारियों की भारी संख्या में ट्रांसफर की गई है। अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में नाम मात्र की ही ट्रांसफर की गई है। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी द्वारा भले चार महीनों में विकास के नाम पर एक भी कार्य नहीं किया है , लेकिन तबादला उद्योग इस सरकार के कार्यकाल में खूब फल फूल रहा है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक बलदेव तोमर का कहना है कि कांग्रेस की कथनी और करनी में बड़ा फर्क है। उन्होंने कहा कि अभी सरकार को बने हुए चार महीने भी नहीं हुए हैं , लेकिन शिलाई निर्वाचन क्षेत्र में दर्जनों कर्मचारियों की ट्रांसफर की गई है जिसके चलते स्कूल , स्वास्थ्य संस्थान तथा अन्य संस्थानों में भारी पद रिक्त पड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग मंत्री द्वारा इसी तरह तबादला उद्योग चलाया गया तो मजबूरन भारतीय जनता पार्टी को सड़क पर उतरना पड़ेगा।  

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