Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    • आमजन को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करना व हरित परिवहन को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता- मुकेश अग्निहोत्री
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, June 3
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»बिलासपुर»सरकार का भी क्या कहना शराब के ठेके का विरोध किया तो आंगनवाड़ी केन्द्र ही शिफ्ट कर दिया
    बिलासपुर

    सरकार का भी क्या कहना शराब के ठेके का विरोध किया तो आंगनवाड़ी केन्द्र ही शिफ्ट कर दिया

    By Himachal VartaJune 9, 2023
    Facebook WhatsApp
    हिमाचल वार्ता न्यूज़

    बिलासपुर ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ )  प्रदेश के बिलासपुर जिले में आंगनबाड़ी केंद्र के पास चल रहे शराब ठेके का विरोध हुआ तो ठेके को हटाने के बजाय उल्टा आंगनबाड़ी केंद्र को ही शिफ्ट किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में आंगनबाड़ी केंद्र के पास चल रहे शराब ठेके का विरोध हुआ तो ठेके को हटाने के बजाय उल्टा आंगनबाड़ी केंद्र को ही शिफ्ट किया जा रहा है। यह मामला बिलासपुर जिले के विकास खंड झंडूता की बड़गांव पंचायत का है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र के 20 मीटर दायरे में नियमों के ताक पर रखकर शराब ठेका चलाया जा रहा है। बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय झंडूता की ओर से यह आंगनबाड़ी केंद्र सितंबर 2016 से चलाया जा रहा है। बड़गांव पंचायत प्रधान निक्कू राम के साथ ग्रामीणों सीमा देवी, भूपेंद्र सिंह गुलेरिया, प्रकाश चंद और कांता देवी सहित अन्य आरोप है कि साल 2019 में नियमों को ताक पर रखकर केंद्र के पास ही शराब की दुकान खोल दी गई। इसका विरोध भी किया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बीते 23 मई को पंचायत ने आबकारी एवं कराधान विभाग को भी आंगनबाड़ी केंद्र के पास शराब ठेका होने की बात बताई थी। साथ ही विभाग से कार्रवाई की मांग भी की थी। वहीं, एक जून को आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले बच्चों के अभिभावकों की बैठक में भी शराब के ठेके का स्थान बदलने का प्रस्ताव पारित किया गया था।बाल विकास परियोजना अधिकारी झंडूता ने भी आबकारी एवं कराधान विभाग घुमारवीं से आंगनबाड़ी केंद्र के पास से ठेका हटाने को कहा था। विभाग ने जब कोई कार्रवाई नहीं की तो बाल विकास परियोजना अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र का स्थान ही बदलने का निर्णय किया। बताया जा रहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते यह करना पड़ा है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.