Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    • आमजन को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करना व हरित परिवहन को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता- मुकेश अग्निहोत्री
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, June 3
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»ऊना»सड़क पर पढ़े गड्ढों को जल्दी न भर विभाग बड़े हादसों का कर रहा है इंतजार
    ऊना

    सड़क पर पढ़े गड्ढों को जल्दी न भर विभाग बड़े हादसों का कर रहा है इंतजार

    By Himachal VartaJune 18, 2023
    Facebook WhatsApp

    ऊना ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ )  गगरेट विधानसभा क्षेत्र की हार्ट लाइन कही जाने वाली दौलतपुर चौक-मुबारिकपुर मुख्य सडक़ पर पड़े गड्ढे एवम पुलों की टूटी रेलिंग हादसों को न्यौता दे रही है , लेकिन लंबे अरसे से विभाग द्वारा इस तरफ नजर-ए- इनायत नहीं की जा रही। आलम यह है कि कुनेरन में तो एक पुल के एक सिरे पर रेलिंग नाम की चीज ही नहीं है। जबकि पुल के बीच से भी रेलिंग टूटी है। इस सडक़ पर वाहनों की आवाजाही 24 घंटे रहती है, विशेषकर लांग रूट की बसों के आगमन के इलावा पंजाब एवं जम्मू के टूरिस्ट इसी मार्ग से आवागमन करते हैं और खराब सडक़ अथवा टूटी रेलिंग कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। गौर रहे कि हाल ही में दौलतपुर चौक-मुबारिकपुर सडक़ का सुदृढ़ीकरण का कार्य करीब 22 करोड़ की लागत से किया गया, लेकिन पुलों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। पुलों पर आनन फानन में डाली गई तारकोल उखड़ गई है और जगह-जगह गड्ढे पड़ गए है।रात को इन खड्डों पर दोपहिया वाहन चालक अक्सर दुर्घटना का शिकार होने का भय मंडराता रहता है। इसके इलावा पुलों की चौड़ाई भी शेष सडक़ से कम है, जिससे दो वाहनों को एक साथ निकलना मुश्किल होता है, लेकिन टूटी सेफ्टी वाल से हर पल दुर्घटना का भय बना रहता है। विभाग ने टूटी हुई रेलिंग पर दो लाल झंडी जरूर लगा दी है, लेकिन विभाग इन्हें ठीक करवाने की जहमत नहीं उठा रहा।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.