मंडी ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र की सेगली पंचायत खतरे की जद में आ गई है। यहां बागी खड्ड के दोनों किनारों पर तीन किलोमीटर तक भूस्खलन हो रहा है। संभावित खतरे को भांप प्रशासन ने 10 घर खाली करवा लोगों को सुरक्षित स्थानोें पर भेज दिया है।भूस्खलन का मलबा थोड़ी सी वर्षा में यहां कहर बरपा सकता है। मलबे से बागीनाला पुल के नीचे का हिस्सा पूरी तरह से भर गया है। इससे पुल को भी खतरा पैदा हो गया है। पिछले दिनों बादल फटने से पुल की नींव पहले ही खोखली हो चुकी है। वहीं लंबाडाल हेलीपैड के समीप पहाड़ी में डेढ़ किलोमीटर के दायरें में कई दरारें आ गई हैं। दरारों का आकार लगातार बढ़ रहा है।गति ऐसी ही रही तो पूरी पहाड़ी दरक सकती है। दरारें मंडी पराशर मार्ग से 20 फुट की दूरी तक पहुंच चुकी है। मार्ग के भूस्खलन की चपेट में आने की संभावना प्रबल हो गई है। यहां से ऐतिहासिक पराशर झील और मंदिर करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है। फिलहाल मंदिर और झील को कोई खतरा नहीं है। पहाड़ अगर तेजी से दरकता रहा तो झील और मंदिर संकट में आ सकता है।पहाड़ी पर दरारें पड़ने की गति बढ़ने से स्थानीय लोग बुरी तरह से सहमें हुए हैं। सेगली पंचायत में पिछले साल भी बादल फटने से आई बाढ़ से बागीनाला के तेज बहाव में नौ लोगों के बहने से मौत हो गई थी। पिछले दिनों बादल फटने की घटना हुई थी। इससे सेगली स्कूल के चार कमरे बह गए थे।
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Thursday, June 4
