Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    • आमजन को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करना व हरित परिवहन को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता- मुकेश अग्निहोत्री
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, June 3
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»कुल्लू»Kullu News # कुल्लू के गडसा में बादल फटने यहां के निवासी हुए बेघर टेंटों में रहने को हुए मजबूर
    कुल्लू

    Kullu News # कुल्लू के गडसा में बादल फटने यहां के निवासी हुए बेघर टेंटों में रहने को हुए मजबूर

    By Himachal VartaJuly 27, 2023
    Facebook WhatsApp

    कुल्लू ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ )  कुल्लू के गडसा में बादल फटने के बाद पांच परिवार बेघर हो गए। अपना मकान होते हुए भी अब टेंट में रहने को मजबूर है। पाई-पाई जोड़ कर मेहनत मजदूरी कर मकान बनाया था। मंगलवार को आई बाढ़ ने एक झटके में हमें बेघर कर दिया।बहुगुणा निवासी लियाकत अली ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि मंगलवार सुबह करीब 4:00 बजे एक जोरदार धमाके की आवाज आई। पहाड़ी में कहीं पर बादल फटा है। इस कारण पानी का बहाव तेज हो गया है।नदी ने विकारल रूप किया धारण लोगों की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी के माहौल में लोगों ने अपने साथ आस-पड़ोस के परिवार वालों को भी रात के समय जगा दिया और मकान में सामान निकालने की कोशिश की। लेकिन, तब तक नदी ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया था। जैसे ही हम लोग घर से बाहर निकले तो देखते ही देखते मकान बाढ़ की चपेट में आ गए।खुले आसमान के नीचे टैंट लगाकर रह रहे पांच परिवार के लोगप्रभावित व्यक्ति ने बताया कि मेरे मकान के साथ चार और मकान थे वह भी बाढ़ की चपेट में आ गए। इस दौरान हम लोग मकान से कुछ भी समान नहीं बचा पाए। पहने हुए कपड़े के अलावा अब कुछ भी नहीं बचा है। रोते हुए उन्होंने ने बताया कि प्रशासन की ओर से सहायता तो मिली, लेकिन पांव में पहनने के लिए चप्पल भी किसी और से मांगी हैं।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.