शिमला (हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) शिमला मटौर मार्ग पर मूसलाधार बारिश के बाद पत्थर और मलबा गिरने से मार्ग बाधित हो गया। जिले में देर रात को हुई बारिश ने करोड़ों का नुकसान कर दिया है। जिले में इस बारिश से करीब 40 सड़कें अवरुद्ध हो गयी हैं। इनमें अधिकतर सड़कें घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की हैं। कुठेड़ा, हरलोग क्षेत्र सड़कों के बंद होने से बाकी हिस्सों से कट गए हैं।अब तक 234 लोगों की हो चुकी मौत प्रदेश में बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने के कारण अब तक नुकसान का आकलन 6742.38 करोड़ पहुंच गया है। अभी तक 234 लोगों की विभिन्न कारणों से मौत हो चुकी है। मानसून के दौरान 917 मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं। 7679 मकानों को नुकसान हुआ है। 267 दुकानों के साथ 2539 गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है।
बिजली बोर्ड को 1505.73 करोड़ का नुकसान हुआ प्रदेश में अब तक हुए नुकसान में लोकनिर्माण विभाग का नुकसान बढ़कर 2139.97 करोड़, जल शक्ति विभाग को 1629.81 करोड़, बिजली बोर्ड को 1505.73 करोड़ का नुकसान हुआ है। जिला मंडी के छह मील में चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर प्रशासन ने वीरवार को दोतरफा यातायात पूरी तरह बहाल कर दिया।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे एक्सप्रेस बाधित वहीं बारिश के कारण कालका-शिमला नेशनल हाईवे एक्सप्रेस पर एक बार फिर से यातायात को रोक दिया गया है। पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण फिर से हाईवे फिर से अवरुद्ध हो गया है।
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Thursday, June 4
