काँगड़ा ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) आखिरकार दो माह तक मत्स्य आखेट से प्रतिबंध हट गया तथा मंगलवार को सुबह ही मछुआरे झील किनारे जाल व किश्तियों को लेकर पहुंच गए। शाम को मछुआरों ने झील में जाल लगा दिए तथा मछुआरों के चेहरे भी खिल उठे। इसके अलावा काफी संख्या में लोग भी झील किनारे पहुंचे थे। इस बार जलस्तर भी काफी ऊपर है। मछुआरों द्वारा किश्तियों को झील में डाले जाने से झील भी गुलजार हो गई। मछुआरों ने मत्स्य सोसायटीज में मछली पहुंचाई तथा वहां पर मछली खरीदने के लिए काफी मछली शौकीन पहुंच गए थे। मछली मंडी पठानकोट, तलवाड़ा व दिल्ली में भी पौंग झील की मछली भेजी गई। इन मछली मंडियों में पौंग झील की मछली की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है।
Breakng
- स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
- ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
- आदेश जारी
- पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
- प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
- आमजन को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करना व हरित परिवहन को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता- मुकेश अग्निहोत्री
Wednesday, June 3
