Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    • आमजन को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करना व हरित परिवहन को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता- मुकेश अग्निहोत्री
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Thursday, June 4
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»मंडी»मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से स्वरोजगार शुरू कर स्वाति पठानिया हर महीने कमा रही 70 हजार से एक लाख रुपये
    मंडी

    मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से स्वरोजगार शुरू कर स्वाति पठानिया हर महीने कमा रही 70 हजार से एक लाख रुपये

    By Himachal VartaSeptember 26, 2023
    Facebook WhatsApp
    मंडी  ( हिमाचलवार्ता न्यूज़ )    हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा क्रियान्वित मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। प्रदेश के हजारों युवा इस योजना से सफल स्वरोजगारी या उद्यमी बन कर अपना सपना साकार कर रहे हैं। मंडी जिला के सुन्दरनगर की स्वाति पठानिया भी स्वरोजगार शुरू करने का सपना बुना और इस सपने को साकार किया मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना ने। आज ड्राई क्लीन और लॉन्ड्री में कार्य करने वाली मशहूर टम्बल ड्राई कंपनी की फैंचाइजी लेकर स्वाती पठानिया हर महीने 70 हजार से एक लाख रुपये कमा रही हैं।
    वर्ष 2018 में सिविल इंजनियरिंग में डिप्लोमा और बीटेक करने के बाद कुछ समय के लिए स्वाति बरमाणा में निजी बैंक में 21000 रुपये मासिक की नौकरी तो कर ली। लेकिन उनका मन अपना स्वरोजगार करने का था। इसलिए उन्होंने कुछ समय बाद यह नौकरी छोड़ दी। लेकिन स्वरोजगार के लिए धन की कमी के उनका यह सपना पूरा नहीं कर पा रही थी।
    इस बीच उन्हें उद्योग विभाग के अधिकारियों से बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार या उद्यम शुरू करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के बारे में पता चला। इसके बाद उन्होंने टम्बल ड्राई कम्पनी से सम्पर्क कर उपकरण और मशीनरी स्थापित करने के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की तथा इस योजना से लोन लेने के लिए अप्लाई किया। प्रोजैक्ट रिपोर्ट स्वीकृत होने पर स्वाति पठानिया को बैंक से पिछले वर्ष 29 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हो गया। बैंक से ऋण मिलते ही स्वाति पठानिया ने मंडी शहर के बीचोें बीच एक दुकान किराए पर ली और ड्राई क्लीन और लॉन्ड्री की आधुनिक मशीने स्थापित कर कार्य करना शुरू कर दिया। ग्राहकों को बेहतरीन सुविधाएं देने के कारण उनका ड्राई क्लीन और लॉन्ड्री का कार्य दिन दुगनी रात चौगनी से बढ़ने लगा। आज स्वाति हर महीने 70 हजार से एक लाख रुपये तक कमा रही है और इसके अतिरिक्त उन्होंने छह लोगोे को रोजगार भी दे रखा है।
    स्वाति ने बताया कि अव वह अपने दम पर ही इस कार्य को और बढ़ा रही है। दिसम्बर माह तक वह जोगिन्द्रनगर और कुल्लू में भी टम्बल ड्राई के नए आउटलेट खोल देगी। इस समय स्वाति ने मंडी शहर के अतिरिक्त आईआईआईटी कमंाद मंडी में भी एक आउटलेट खोल रखा है। युवाओं के लिए बनी प्रेरणास्त्रोत वह जमाना गया जब लड़कियों को कमजोर समझा जाता था और उनके जन्म पर दुख मनाया जाता था। आज लड़कियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। इन्हीं में से स्वाति पठानियां भी बेरोजगार युवक युवतियों के लिए प्र्रेरणाश्रोत बनकर उभरी हैं। डेढ वर्ष की आयु में अपने पिता को खो चुकी स्वाति ने अपने दम पर यह मुकाम हासिल किया है। बेशक स्वाति की माता और भाई सरकारी क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं लेकिन अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने उनसे किसी प्रकार की सहायता वित्तीय सहायता नहीं ली। युवाओं को नए आइडिया के साथ कार्य करने की दी सलाह उन्होंने युवाओं को नए आइडिया के साथ कार्य करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि नए आइडिया और बेहतर प्रबंधन के साथ किसी भी क्षेत्र में कामयाबी हासिल की जा सकती है। प्रदेश सरकार भी इसके लिए उनकी काफी मदद करती है। मुख्यमंत्री का किया धन्यवाद स्वाति ने अपने सपने को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के कारण ही वह अपने सपने को पूरा कर पाई हैं।योजना में 18 से 45 वर्ष के युवा कर सकते हैं अपना उद्यम स्थापित इस योजना के अंतर्गत 18 से 45 वर्ष के युवा और 50 वर्ष तक की महिलाएं अपना उद्यम स्थापित कर सकते हैं। ऐसे युवा उद्यमियों द्वारा एक करोड़ रुपये तक का निवेश किए जाने पर 60 लाख रुपये तक की मशीनरी एवं सिविल वर्क्स पर सामान्य वर्ग के आवेदक को 25 प्रतिशत, एससी-एसटी एवं ओबीसी के आवेदक को 30 प्रतिशत और महिलाओं एवं दिव्यांगों को 35 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा ब्याज पर भी 5 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है।
    इस वर्ष 23 प्रस्ताव हो चुके हैं मंजूरउपायुक्त अरिंदम चौधरी का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू की सोच कि प्रदेश का युवा स्वरोजगारी बन कर अपने पैरों पर खड़ा हो, इसके लिए जिला में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना सहित अन्य योजनाओं को सक्रियता से क्रियान्वित किया जा रहा है। जिला में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत इस वर्ष अभी तक 23 प्रस्ताव मंजूर कर विभिन्न बैंको को वित्तीय मदद जारी करने को प्रेषित किये जा चुके है। योजना के अंतर्गत इस वर्ष 120 लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.