नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):– हिमाचल प्रदेश के छोटे बच्चों के जटिल न्यूरो संबंधित बीमारियों के लिए अब अभिभावकों को बाहरी राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज नाहन को न केवल प्रदेश का एकमात्र बच्चों का न्यूरो स्पेशलिस्ट मिल गया है, बल्कि नर्वस और मांसपेशियों के जटिलतम रोगों से निपटने के लिए न्यूरोलॉजिकल लैब लगाए जाने की कवायद शुरू हो गई है।शनिवार को नर्व कंडक्शन स्टडी को लेकर प्रस्तावित न्यूरोलॉजी लैब के लिए दो देश की बड़ी कंपनियों ने अपना डेमोंसट्रेशन टेंडर भी रिप्रेजेंट किया, जिसमें यूएसए मेड नेटस कंपनी के एरीना मेडिकेयर डिस्ट्रीब्यूटर्स और उसकी ही कैडवल कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर इंद्रेश सेल एंड सर्विसेज के द्वारा एनसीवी/इएमजी/ मशीनों का डेमोंसट्रेशन भी दिया गया। अब यदि इन दोनों कंपनियों में से किसी एक के टेस्टिंग मशीनों को मंजूरी मिल जाती है तो न्यूरो संबंधी टेस्ट के लिए मरीज को बाहरी राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।बता दें कि नसों और मांसपेशियों में आई खराबी के टेस्ट की कीमत 1000 से 5000 रुपये तक आती है। यह टेस्टिंग सुविधा नाहन की न्यूरोलॉजिकल लैब में लगने के बाद इसकी लागत 200 से 500 रुपये तक ही रह जाएगी। वहीं हिम केयर कार्ड के तहत टेस्ट और दवा का खर्चा भी मुफ्त हो जाएगा। सबसे अच्छी बात तो यह है कि 35 से 70 लाख रुपये तक की इन मशीनों को ऑपरेट करने वाले एक्सपर्ट डॉक्टर भी नाहन मेडिकल कॉलेज में मौजूद हैं।एमडी डीएम डॉ. पवन बनियाल प्रदेश के एकमात्र पहले चाइल्ड न्यूरो स्पेशलिस्ट सरकार के द्वारा इस मेडिकल कॉलेज में भेजे गए हैं। जानकारी तो यह भी है कि साथ लगते हरियाणा और पंजाब राज्य की सरकारी सेवाओं में एमडी डीएम चाइल्ड न्यूरो स्पेशलिस्ट नहीं है। हाल ही में नाहन मेडिकल कॉलेज में नियुक्त हुए डॉ. पवन ने 100 से भी अधिक बच्चों के जटिल न्यूरों संबंधी रोगों का इलाज नाहन मेडिकल कॉलेज में ही संभव किया है।कांटी मशवा पंचायत के अंतर्गत खील गांव के प्रदीप कुमार की 5 महीने की बेटी का इलाज भी डॉ. पवन वनियाल के द्वारा किया गया है। इस नन्हीं बच्ची के जन्म के बाद करीब 3 महीने की उम्र में अचानक टांगे हिलाना बंद कर दिया था। बच्ची के पिता ने बताया कि अब उसकी बेटी 90 फ़ीसदी ठीक हो चुकी है। इसी प्रकार शिलाई के 14 वर्षीय विवेक नाहन के उत्कर्ष जैसे दर्जनों युवकों और बच्चों का जटिल नर्व संबंधी रोग मेडिकल कॉलेज में ही संभव हुआ है।वहीं पेडियाट्रिक डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉक्टर श्याम कौशिक ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि नर्व कंडक्शन स्टडी को लेकर न्यूरोलॉजिकल लैब हेतु डेमोसट्रेशन टेंडर आमंत्रित किए गए थे। वहीं मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजीव तुली ने बताया कि मेडिकल कॉलेज नाहन में प्रदेश के पहले चाइल्ड न्यूरो स्पेशलिस्ट अप्वॉइंट किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही सरकार के माध्यम से न्यूरोलॉजिकल लैब लगाए जाने की कवायद शुरू कर दी जाएगी।
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Wednesday, June 3
