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    सिरमौर

    सरकार के दावे हुए बेकार, मंत्री के क्षेत्र का स्कूल मंदिर के कमरे में

    By Himachal VartaFebruary 9, 2024
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    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):- हिमाचल प्रदेश सरकार के बेहतर शिक्षा के दावों तथा व्यवस्था परिवर्तन की शिलाई ब्लॉक में पोल खुली है। जीपीएस गोवा वाडी स्कूल बगैर भवन के मंदिर के गुफा नुमा कमरे में चल रहा है। हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि यह स्कूल सरकार के कद्दावर नेता उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के विधानसभा क्षेत्र में आता है। अव्यवस्था का आलम यह है कि स्कूल में 14 छात्राओं तथा 13 छात्रों के लिए डेस्क तो दूर की बात टाट-पट्टी तक नसीब नहीं है।यही नहीं छात्रों को मजबूरन शौच के लिए भी खुले में ही जाना पड़ता है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि बच्चे तो बच्चे स्कूल के एकमात्र जेबीटी अध्यापक को भी कुर्सी तक नसीब नहीं है। बच्चों के लिए मिड डे मील की बात की जाए तो स्कूल को सिलेंडर दिया गया है ना ही बर्तन। मिड डे मील कर्मचारी है मगर गांव के ही एक व्यक्ति ने बच्चों पर तरस खाकर खाना बनाने के लिए कमरा दिया हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, रास्त पंचायत के अंतर्गत चल रहा है यह प्राइमरी स्कूल तीन गांवों के बच्चों को लाभान्वित कर रहा है। नैनीधार, सखोली तथा रास्त गांव के कुल 27 बच्चे इस प्राइमरी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल के अध्यापक चैन सिंह सिंगटा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूल के पास कोई भी व्यवस्था को बनाने के लिए किसी भी तरह की ग्रांट तक मौजूद नहीं है। गांव के लोगों का कहना है कि वह इस बड़ी समस्या को लेकर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से भी मिल चुके हैं।मंत्री के द्वारा फिलहाल आश्वासन दिया गया है आदेश के नाम पर कोई परिणाम नजर नहीं आ रहा है। वहीं एलीमेंट्री का कार्यभार देख रहे उच्च शिक्षा के उपनिदेशक करमचंद का कहना है कि यह स्कूल 10 अक्टूबर 2022 को खुला था।उन्होंने कहा कि स्कूल को चलाने के लिए गांव के व्यक्ति के द्वारा दो कमरे भी दिए गए थे। मगर अब कमरों में किसी परेशानी के चलते इनकी व्यवस्था कहीं और की गई है। पड़ोस के व्यक्ति के द्वारा मिड डे मील बनाने के लिए एक कमरा दिया गया है। उन्होंने कहा कि नए भवन के लिए एस्टीमेट बनाकर के बजट हेतु प्रस्ताव भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या के बाबत पूरी तरह गंभीर है जल्द ही स्कूल को अपना भवन नसीब होगा।

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