Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • पूर्व विधायक सदानंद चौहान की स्मृति में 40 यूनिट रक्त एकत्र किया
    • जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय नाहन का शानदार प्रदर्शन,
    • नाहन की मुख्य पेयजल योजना की पाइपलाइन फटी, शहर की जलापूर्ति पर संकट के बादल
    • सिद्धपीठ कालीस्थान मंदिर नाहन में अष्टमी को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
    • ग्रामीण आर्थिकी की मज़बूती में प्रदेश का सम्पूर्ण विकास निहित- संजय अवस्थी
    • प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Thursday, October 22
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»स्कूल मर्ज करने के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध , डीसी को ज्ञापन
    सिरमौर

    स्कूल मर्ज करने के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध , डीसी को ज्ञापन

    By Himachal VartaSeptember 7, 2024
    Facebook WhatsApp

     नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज):- जिला सिरमौर के सुरला शिक्षा खंड में स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल बकारला को गलत दूरी का हवाला देकर एक अन्य स्कूल में मर्ज करने का आरोप लगा है। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीण  डीसी सिरमौर के पास पहुंचे और एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी दूरी प्रमाण पत्र की प्रति भी संलग्न की गई थी।

    ग्रामीणों, जिनमें प्रेम सिंह, चमन लाल, रणजीत सिंह, दीपिका आदि शामिल थे, ने बताया कि बकारला गांव में सभी परिवार अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, बकारला स्कूल को सुरला के स्कूल में मर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार कानून के अनुसार, प्राथमिक स्कूलों का 2 किलोमीटर की परिधि में होना आवश्यक है। लेकिन सुरला शिक्षा खंड कार्यालय ने बकारला से सुरला स्कूल की दूरी 2 किलोमीटर बताई, जो कि गलत है। वास्तविक दूरी पैदल रास्ते से 3.5 किलोमीटर और सड़क मार्ग से 5.5 किलोमीटर है। पैदल रास्ता जंगल और नदी-नालों से होकर गुजरता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि वे ज्यादातर खेती और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं, और स्कूल मर्ज होने से बच्चों की शिक्षा और उनकी रोजी-रोटी पर बुरा असर पड़ेगा। इसके अलावा, बकारला स्कूल एक मतदान केंद्र भी है, और इसके मर्ज होने पर कई लोग मतदान से वंचित रह सकते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से स्कूल को मर्ज न करने की अपील की है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • पूर्व विधायक सदानंद चौहान की स्मृति में 40 यूनिट रक्त एकत्र किया
    • जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय नाहन का शानदार प्रदर्शन,
    • नाहन की मुख्य पेयजल योजना की पाइपलाइन फटी, शहर की जलापूर्ति पर संकट के बादल
    • सिद्धपीठ कालीस्थान मंदिर नाहन में अष्टमी को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
    • ग्रामीण आर्थिकी की मज़बूती में प्रदेश का सम्पूर्ण विकास निहित- संजय अवस्थी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.