Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    • 100 बिस्तरों वाले हरोली अस्पताल के विस्तार को रफ्तार, अतिरिक्त भवन के लिए 8.42 करोड़ मंजूर*
    • शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।
    • द्राबिल में विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • 129 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू 11 व 12 जून को
    • कैम्पस इंटरव्यू
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, June 7
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»सड़क किनारे युवा संघर्ष समिति शिलाई ने किया पौधारोपण
    सिरमौर

    सड़क किनारे युवा संघर्ष समिति शिलाई ने किया पौधारोपण

    By Himachal VartaSeptember 23, 2024
    Facebook WhatsApp
    पांवटा साहिब  ( हिमाचल वार्ता न्यूज):- बाजार से तहसील कार्यालय , पीडब्ल्यूडी विभाग व अन्य कई विभागों को जोड़ते वाली शिलाई गांव तक बनी पीडब्ल्यूडी सड़क पर बरसाती पानी से सड़क किनारे लगे कटाव के मलबे से सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां तक दब जाती है। आलम यह है कि अधिकांश जगहों पर भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। कही पर भूस्खलन से निजी जमीनों सहित सड़क किनारे मलबे के ढेर लग जाते है, युवा संघर्ष समिति शिलाई के सदस्यों द्वारा सड़क किनारे पौधरोपण किया , ताकि भूमि कटाव को रोका जा सके। युवा संघर्ष समिति के अध्यक्ष अक्षय तोमर ने बताया कि शिलाई गांव के लिए बनी सड़क पर बरसात के दौरान एकत्र पानी पहाड़ी के तीखे ढलान में कटाव लगा कर मलबे से कई जगहों पर सड़क बंद पड़ जाती है।
    संघर्ष समिति ने कटाव व भूस्खलन को रोकने के लिए सड़क किनारे शोआलू पौधरोपण किया। समिति के सदस्यों ने बताया कि नया रॉड के समीप एनएच 707 मार्ग तीखे ढलान में शुरू होती है। एनएच पर एकत्र पानी से तहसील कार्यालय , पीडब्ल्यूडी कार्यालय तक सड़क नदी का रूप धारण कर लेती है। आगे जाकर पानी की निकासी का सही से प्रावधान न होने पर पानी घासनियों में कटाव लगने से कैंचियों में बनी सड़क नीचे तक कई जगहों से मलबे से भर जाती है। मार्ग पर बरसाती नालों में छोटी छोटी पुलिया बनी हुई है जो हल्की सी बारिश में भी बंद पड़ जाती है। 
    युवा संघर्ष समिति के सदस्यों ने पीडब्ल्यूडी के कार्य पर सवालिया निशान खड़े करते हुए बताया कि हर बरसात में एक ही प्रकार की समस्या से हो रहे नुकसान का कोई स्थायी समाधान नही कर पा रही है। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग को केवल भ्र्ष्टाचार की डीपीआर तैयार नही करनी चाहिए , बल्कि सड़को पर व्यवस्थित नालिया बरसात की पीनी की मात्रा के अनुसार बड़ी पुलिया बनाने जैसे समाधान निकालने होंगे, पहाड़ी क्षेत्र की भगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल डीपीआर तैयार करने की आवश्यकता है। 
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    • 100 बिस्तरों वाले हरोली अस्पताल के विस्तार को रफ्तार, अतिरिक्त भवन के लिए 8.42 करोड़ मंजूर*
    • शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।
    • द्राबिल में विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • 129 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू 11 व 12 जून को
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.