Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    • 100 बिस्तरों वाले हरोली अस्पताल के विस्तार को रफ्तार, अतिरिक्त भवन के लिए 8.42 करोड़ मंजूर*
    • शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।
    • द्राबिल में विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • 129 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू 11 व 12 जून को
    • कैम्पस इंटरव्यू
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, June 7
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»प्रवासी मजदूर की पहचान और सत्यापन कराना होगा आवश्यक- जिला मजिस्ट्रेट
    सिरमौर

    प्रवासी मजदूर की पहचान और सत्यापन कराना होगा आवश्यक- जिला मजिस्ट्रेट

    By Himachal VartaOctober 4, 2024
    Facebook WhatsApp

    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त सिरमौर सुमित खिम्टा ने धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के अन्तर्गत आदेश जारी किए है जिसके तहत सिरमौर जिला में कोई भी नियोक्ता, ठेकेदार, व्यापारी किसी भी प्रवासी मजदूर को छोटे अनौपचारिक काम, सेवा, अनुबंध या श्रम में तब तक नहीं लगाएगा जब तक कि ऐसे प्रवासी मजदूर की पहचान और सत्यापन के लिए संबंधित कार्य क्षेत्र अधिकारी को पासपोर्ट आकार की फोटो के साथ पूरा विवरण प्रस्तुत नहीं करते हैं।
    उन्होंने यह भी आदेश जारी किए है कि कोई भी प्रवासी मजदूर जो सिरमौर जिला में किसी भी प्रकार के स्वरोजगार, अनौपचारिक व्यापार अथवा सेवा की तलाश में आता है उसे उस क्षेत्र से संबंधित थाना प्रभारी को अपने इस आशय की सूचना देनी होगी।
    उन्होंने कहा कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर ऐसे प्रवासी मजदूर और उनके नियोक्ता भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होंगे।
    उन्होंने बताया कि बहुत से लोग कमाई, व्यापार सेवाओं के सिलसिले में सिरमौर जिले में आते हैं जो कि रेहड़ी, ठेका मजदूरी की सेवाएं ,शॉल विक्रेता, फेरी वाले, मोची आदि का व्यवसाय चलाते हैं। इन व्यवसायों में लगे लोग अपना सत्यापन नहीं करवाते जिसके परिणामस्वरूप अपराध की रोकथाम पर अकुंश लगाने में कठिनाई रहती है।
    उन्होंने बताया कि प्रवासी व्यक्ति की पहचान व जानकारी न होने की स्थिति में  सार्वजनिक शांति में खलल पडने व मानव जीवन और सुरक्षा को खतरा पैदा होने तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। नौकरी चाहने वालों की आड़ में असामाजिक तत्व नागरिकों के लिए कोई खतरा पैदा न कर सके इसकी रोकथाम के लिए तत्काल कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यह आदेश 03 अक्तूबर, 2024 से प्रभावी होकर 02 दिसम्बर, 2024 तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन कानून के अनुसार दण्डनीय होगा।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    • 100 बिस्तरों वाले हरोली अस्पताल के विस्तार को रफ्तार, अतिरिक्त भवन के लिए 8.42 करोड़ मंजूर*
    • शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।
    • द्राबिल में विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • 129 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू 11 व 12 जून को
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.